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क्रिश रिश्वत मामले में नमल राजपक्षे 6 नवंबर तक हिरासत में रहेंगे, ज़मानत खारिज
कोलंबो की अदालत ने 7 करोड़ श्रीलंकाई रुपये लेने के आरोपी एसएलपीपी सांसद की ज़मानत अर्ज़ी ठुकराई। पिता महिंदा ने उन्हें सिर्फ़ न्यायपालिका पर भरोसा रखने को लिखा।

मुख्य बातें
- कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नमल राजपक्षे को 6 नवंबर तक रिमांड पर भेजा।
- उन पर ज़मीन आवंटन में तेज़ी लाने के लिए तीन किस्तों में 7 करोड़ श्रीलंकाई रुपये लेने का आरोप है।
- पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने बेटे से कहा कि वह सिर्फ़ न्यायपालिका पर भरोसा रखें।
कोलंबो की एक अदालत ने शुक्रवार को श्रीलंका के विपक्षी सांसद नमल राजपक्षे को 6 नवंबर तक रिमांड हिरासत में रखने का आदेश दिया और राजधानी में क्रिश ग्रुप की प्रॉपर्टी परियोजना से जुड़े रिश्वत मामले में उनकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी।
कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असंगा एस बोदरागामा ने क्रिश ग्रुप की पूर्व निदेशक जानकी सिरिवर्धना की रिमांड भी बढ़ा दी। दोनों को रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले आयोग (सीआईएबीओसी) ने गिरफ़्तार किया था। सिरिवर्धना 24 सितंबर से हिरासत में हैं।
आयोग का आरोप है कि श्रीलंका पोदुजना पेरामुना के सांसद और मामले में चौथे आरोपी राजपक्षे ने तीन अलग-अलग किस्तों में 7 करोड़ श्रीलंकाई रुपये लिए। आयोग के मुताबिक इसके बदले उन्होंने कोलंबो फ़ोर्ट के ट्रांसवर्क्स स्क्वेयर में शहरी विकास प्राधिकरण की ज़मीन का आवंटन तेज़ कराने और बिना देरी मंज़ूरियां दिलाने में कंपनी की मदद की।
सुनवाई के बीच उनके पिता, पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने बेटे के नाम एक पत्र जारी किया। उन्होंने याद किया कि 2010 में जब नमल ने राजनीति में आने की इजाज़त मांगी थी, तो उन्होंने कहा था: “अगर राजनीति में आना चाहते हो तो आओ। लेकिन जेल जाने और मुश्किलें झेलने के लिए तैयार रहना।”
बड़े राजपक्षे ने लिखा, “कोई कुछ भी कहे, भरोसा सिर्फ़ न्यायपालिका पर रखना।” उन्होंने बताया कि वह और उनकी पत्नी शिरंथी नवलोका अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, और नमल से कहा कि सत्ता में लौटने पर राजनीतिक विरोधियों से बदला न लें। उन्होंने लिखा, “माता-पिता के कामों के लिए बच्चे ज़िम्मेदार नहीं होते। बदला न लेना राजपक्षे परिवार का रास्ता और परंपरा है।”
नमल के छोटे भाई योशिता पर भी मुकदमे हैं। उनके पिता का दावा है कि इनमें से एक मामला योशिता के नौसेना में शामिल होने के फ़ैसले से जुड़ा है।