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नेतन्याहू बोले, वे और ट्रंप ईरान की सत्ता को 'खत्म' करने के लिए प्रतिबद्ध

ईरान के राष्ट्रपति ने जवाब में कहा कि तेहरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और बातचीत से पहले सारे प्रतिबंध और धमकियां हटनी चाहिए। क़तर का कहना है कि संपर्क जारी है।

संपादकीय डेस्क से · यरूशलमप्रकाशित

मुख्य बातें

  1. नेतन्याहू ने कहा कि वे और ट्रंप ईरानी सत्ता को 'पूरी तरह खत्म करने' के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  2. पेज़ेशकियान ने कहा कि अमेरिका को पहले सारा आर्थिक दबाव, धमकियां और प्रतिबंध हटाने होंगे।
  3. क़तर के मुताबिक मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका-ईरान बातचीत जारी है।

इज़राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप “ईरानी सत्ता को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध” हैं, और दोनों नेताओं ने हाल में इस पर चर्चा की है।

यह बयान 27 अक्टूबर को इज़राइल में होने वाले मतदान से एक हफ्ता पहले आया है। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अचानक इज़राइल पहुंचे थे और रविवार को ट्रंप ने चुनाव में नेतन्याहू का समर्थन किया था।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने दबाव के जवाब में सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि किसी भी बातचीत की पहली शर्त यह है कि अमेरिका सारा आर्थिक दबाव, धमकियां और प्रतिबंध हटाए। उन्होंने कहा कि ईरान “अमेरिका पर भरोसा नहीं करता” और जोड़ा, “अगर हम बातचीत करेंगे तो वे हम पर फिर हमला करेंगे।”

तेहरान चेतावनी दे चुका है कि अमेरिका का कोई भी नया हमला पूरे क्षेत्र में “तबाही” लाएगा।

मध्यस्थ ज़ोर देकर कहते हैं कि रास्ता अब भी खुला है। क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है, दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाए जा रहे हैं, और सार्वजनिक खबर न होने का मतलब यह नहीं कि प्रगति नहीं हो रही।

कूटनीति कई मोर्चों पर एक साथ चल रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मंगलवार को तेहरान में पेज़ेशकियान और दूसरे ईरानी नेताओं से बातचीत की। एक दिन पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव वहां गए थे।

ट्रंप कह चुके हैं कि 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी है और ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रखा है।