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चेकपॉइंट पर गोलीबारी के बाद नेतन्याहू ने हेब्रोन बंद किया, पूरे वेस्ट बैंक में लॉकडाउन की तैयारी
शुक्रवार को हेब्रोन के पास दो फ़लस्तीनी बंदूकधारी मारे गए और कम से कम पांच इज़रायली सैनिक घायल हुए। इज़रायल में चार दिन बाद आम चुनाव है।

मुख्य बातें
- इज़रायली सेना ने कहा कि उसने तेलेम बस्ती के पास रिज़र्व सैनिकों पर गोली चलाने वाले दो फ़लस्तीनी बंदूकधारियों को मार गिराया।
- बिन्यामिन नेतन्याहू ने हेब्रोन बंद किया और सुरक्षा बलों से पूरे वेस्ट बैंक में लॉकडाउन की तैयारी करने को कहा।
- यह हमला इज़रायल के मंगलवार को होने वाले आम चुनाव से कुछ दिन पहले हुआ है।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को हेब्रोन शहर को सील कर दिया और सुरक्षा बलों से कब्ज़े वाले पूरे वेस्ट बैंक में लॉकडाउन की तैयारी करने को कहा। इससे कुछ घंटे पहले एक चेकपॉइंट पर हुई गोलीबारी में दो फ़लस्तीनी हमलावर मारे गए और कई इज़रायली सैनिक घायल हुए।
इज़रायली सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने हेब्रोन के पश्चिम में तेलेम बस्ती के पास एक रिज़र्व बटालियन पर हमला करने वाले दो फ़लस्तीनी बंदूकधारियों को मार गिराया। इज़रायली नंबर प्लेट वाली कार में आए दोनों लोगों ने चेकपॉइंट पर सैनिकों पर गोली चलाई। चश्मदीदों के मुताबिक गोलीबारी करीब 20 मिनट चली, जिससे घायलों को निकालना मुश्किल हो गया। इज़रायल की एंबुलेंस सेवा ने कहा कि कम से कम पांच सैनिक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। सेना ने बाद में दो अन्य फ़लस्तीनियों को गिरफ़्तार किया।
नेतन्याहू ने कहा कि सुरक्षा बलों ने एक “बड़ा हमला” नाकाम किया है। उन्होंने हेब्रोन बंद करने का आदेश दिया और कहा कि बल “आज से पूरे जूडिया और सामरिया में पूर्ण लॉकडाउन की तैयारी करें”। जूडिया और सामरिया वेस्ट बैंक के लिए इज़रायली सरकार का नाम है। उन्होंने चुनाव प्रचार के कई कार्यक्रम भी रद्द कर दिए।
चुनाव से ठीक पहले
यह गोलीबारी मंगलवार को होने वाले इज़रायली आम चुनाव के आखिरी दौर में हुई है, जिसमें वेस्ट बैंक की सुरक्षा और गाज़ा युद्ध बड़े मुद्दे हैं। धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने इसके बाद मांग की कि इज़रायल पूरे इलाके पर नियंत्रण ले और फ़लस्तीनी प्राधिकरण को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा, “हमें बहुत देर होने से पहले कदम उठाना होगा।”
हमास, फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद और पॉपुलर फ्रंट फ़ॉर द लिबरेशन ऑफ़ फ़लस्तीन ने हमले की तारीफ़ की। उन्होंने इसे इज़रायली छापों, बसने वालों की हिंसा और गाज़ा युद्ध का जवाब बताया और और टकराव की अपील की।
पूर्ण बंदी से जैतून की कटाई के बीच वेस्ट बैंक के फ़लस्तीनी कस्बों और गांवों के बीच आवाजाही रुक जाएगी। बहुत से किसान परिवार इसी मौसम पर निर्भर हैं।
छापों और कटाई पर हमलों का हफ़्ता
लॉकडाउन का आदेश कई दिनों के तनाव के बाद आया है। फ़लस्तीनी कैदी संगठनों और सरकारी समाचार एजेंसी वफ़ा के मुताबिक इज़रायली बलों ने गुरुवार को वेस्ट बैंक में 36 फ़लस्तीनियों को गिरफ़्तार किया। इनमें 10 जेनिन प्रांत से और 14 हेब्रोन के दक्षिण में मसाफ़र यत्ता के खिरबेत जवाया से थे।
फ़लस्तीनी कॉलोनाइज़ेशन एंड वॉल रेज़िस्टेंस कमीशन ने सिर्फ़ गुरुवार को किसानों और उनकी ज़मीन पर इज़रायली बलों और बसने वालों के 17 हमले दर्ज किए। ये हेब्रोन, क़लक़ीलिया, नब्लस, रामल्ला और अल-बीरेह, जेनिन और सलफ़ीत में हुए। आयोग ने मारपीट, फ़सल और उपकरणों की चोरी, जैतून के पेड़ों में आग और गोलीबारी की घटनाएं गिनाईं। बुधवार को अमेरिकी डेमोक्रेटिक कांग्रेस उम्मीदवार ब्रैड लैंडर को फ़लस्तीनी किसानों के साथ जैतून तोड़ते समय इज़रायली सैनिकों ने कुछ देर हिरासत में रखा था।
भारत का पहलू
यह तनाव नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद बढ़ा है। गुरुवार रात फ़ोन कॉल के बाद मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं ने “अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई” और उन्होंने “क्षेत्र में शांति और स्थिरता जल्द बहाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया”। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने मोदी को इज़रायल के स्वतंत्रता दिवस पर कैप्टन स्मित मच्छर के साथ मशाल जलाने का न्योता दिया है। कैप्टन मच्छर वह भारतीय पायलट हैं जिन्होंने 30 सितंबर को तेल अवीव जा रही फ़्लाईदुबई की उड़ान में एक हमलावर को काबू करने में मदद की थी।
भारत ने शुक्रवार की गोलीबारी या लॉकडाउन के आदेश पर कोई टिप्पणी नहीं की है।