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नाइजीरिया में इबोला का पहला मामला, युगांडा से विमान से आई महिला संक्रमित
नाइजीरिया 44 करीबी संपर्कों की तलाश कर रहा है। उसी दिन केन्या में नौवां मामला आया और अफ्रीका सीडीसी ने इसे इतिहास का सबसे ज़्यादा भौगोलिक फैलाव वाला प्रकोप बताया।
मुख्य बातें
- नाइजीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को देश में 2026 के पहले इबोला मामले की पुष्टि की।
- स्वास्थ्यकर्मी मरीज़ के 44 करीबी संपर्कों की तलाश कर रहे हैं।
- केन्या में कुल मामले नौ हुए, सभी एक ही समूह में।
नाइजीरिया ने इबोला के अपने पहले मामले की पुष्टि की है। मई में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से शुरू हुआ यह प्रकोप पहले ही युगांडा और केन्या तक पहुंच चुका है।
संघीय स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि मरीज़ एक महिला है जो युगांडा से विमान से नाइजीरिया आई थी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया और बीमारी की पुष्टि होने से पहले कई दिन तक उसका इलाज चला। अब वह आइसोलेशन में है और उसका इलाज हो रहा है। स्वास्थ्यकर्मी उसके हाल के 44 करीबी संपर्कों की तलाश कर रहे हैं।
मंत्रालय ने देश की हर स्वास्थ्य सुविधा को हाई अलर्ट पर रहने और संदिग्ध मामलों को तुरंत पहचान कर अलग करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने कहा, “घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।” उन्होंने लोगों से हाथ धोने, लक्षण पहचानने और संक्रमण की आशंका होने पर जन स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करने को कहा।
नाइजीरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने पहले ही वायरस के देश में पहुंचने का खतरा ऊंचा बताया था। उसने क्षेत्रीय फैलाव, अंतरराष्ट्रीय यात्रा, खुली सीमाओं और ऐसे शुरुआती लक्षणों का हवाला दिया था जिन्हें मलेरिया या लासा बुखार समझने की भूल आसानी से हो जाती है।
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) के महानिदेशक जीन कासेया ने कहा कि यह प्रकोप “पहले ही इतिहास का सबसे ज़्यादा भौगोलिक फैलाव वाला प्रकोप बन चुका है”, और उनकी एजेंसी नाइजीरिया के लिए मदद जुटा रही है।
केन्या में नौवां मामला
केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी मंगलवार को नौवां मामला दर्ज किया। मरीज़ 24 साल का युवक है, जो देश के पहले मरीज़ के करीबी परिवार का सदस्य है। पहला मरीज़ कांगो में रहता था और 5 अक्टूबर को नैरोबी में उसकी मौत हुई थी। युवक पहले से क्वारंटीन में था और मंत्रालय के मुताबिक “बीमारी के पहले लक्षण पर ही अलग कर दिया गया”।
केन्या के स्वास्थ्य महानिदेशक पैट्रिक अमोथ ने कहा, “सभी नौ मामले एक ही समूह के हैं।” उन्होंने जोड़ा कि इस समूह के बाहर संक्रमण फैलने का कोई सबूत नहीं है। आठ मरीज़ों की हालत स्थिर है, और 135 में से 134 संपर्कों की पहचान कर उन्हें क्वारंटीन किया जा चुका है।
यह प्रकोप बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से फैला है, जिसका न कोई लाइसेंसशुदा टीका है, न खास इलाज। कांगो में 9,500 से ज़्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से लगभग आधे जानलेवा साबित हुए।