दुनियापाकिस्तान
ग्वादर में सड़क किनारे बम से पाकिस्तानी सेना के मेजर की मौत, कलात में चार उग्रवादी मारे गए
सेना ने कहा कि मेजर वजाहत वहीद पसनी के पास एक तलाशी अभियान की अगुवाई करते हुए मारे गए। सेना ने बलूचिस्तान की हिंसा के लिए एक बार फिर भारत को ज़िम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें
- लाहौर के 34 वर्षीय मेजर वजाहत वहीद ग्वादर ज़िले में एक आईईडी (विस्फोटक उपकरण) धमाके में मारे गए।
- 18 अक्टूबर को कलात में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान में सैनिकों ने चार उग्रवादियों को मार गिराया।
- पाकिस्तानी सेना ने लड़ाकों को फिर "भारत समर्थित" बताया, भारत इस आरोप को लगातार खारिज करता रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को बताया कि बलूचिस्तान के ग्वादर ज़िले में सड़क किनारे लगाए गए बम से सेना के एक मेजर की मौत हो गई। सेना ने कलात में एक अलग अभियान में चार उग्रवादियों को मारने की भी जानकारी दी।
सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि लाहौर के 34 वर्षीय मेजर वजाहत वहीद पसनी तहसील के शादी कौर में तलाशी अभियान पर एक दस्ते की अगुवाई कर रहे थे, तभी आईईडी फटा। आईएसपीआर ने कहा कि उन्होंने “शहादत पाई”।
कलात ज़िले के जट्टकाबाद इलाके में सैनिकों ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद रविवार को उग्रवादियों के ठिकानों पर छापा मारा। आईएसपीआर के मुताबिक भारी गोलीबारी के बाद चार लड़ाके मारे गए और हथियारों व गोला-बारूद का बड़ा ज़खीरा बरामद हुआ। सेना ने कहा कि इलाके में बाकी उग्रवादियों को तलाशने का अभियान जारी रहेगा।
आईएसपीआर ने मारे गए लोगों को “भारत समर्थित आतंकवादी” कहा और “फ़ितना अल हिंदुस्तान” शब्द का इस्तेमाल किया, जो इस्लामाबाद बलूच अलगाववादी गुटों के लिए करता है। भारत प्रांत में उग्रवाद को समर्थन देने के पाकिस्तान के आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। सेना के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
सेना ने कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत फ़ेडरल एपेक्स कमेटी से मंज़ूर उसका आतंकवाद विरोधी अभियान अज़्म-ए-इस्तेहकाम “पूरी रफ्तार से” जारी रहेगा।
पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे गरीब प्रांत बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी उग्रवाद झेल रहा है। अलगाववादी इस्लामाबाद पर प्रांत की गैस और खनिजों के दोहन का आरोप लगाते हैं। चीन के बनाए गहरे समुद्री बंदरगाह वाला ग्वादर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का केंद्र है और अक्सर निशाने पर रहा है।
ये हमले ऐसे वक्त हुए हैं जब पाकिस्तान पड़ोसी ख़ैबर पख्तूनख्वा में आपातकालीन शासन और ईरान सीमा पर तनाव से भी जूझ रहा है, जहां सप्ताहांत में सीमा पार व्यापार रोक दिया गया।