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पाकिस्तान और चीन का 'काराकोरम 2026' सैन्य अभ्यास शिनजियांग में शुरू

कोरला में हो रहा यह अभ्यास ऊंचाई वाले इलाक़ों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित है, जिसमें ड्रोन, लंबी दूरी की स्नाइपिंग और लाइव-फ़ोर्स ड्रिल शामिल हैं।

संपादकीय डेस्क से · बीजिंगप्रकाशित
शिनजियांग के कोरला शहर का एक द्वार
शिनजियांग के कोरला शहर का एक द्वार罗布泊 / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. काराकोरम 2026 अभ्यास बुधवार को शिनजियांग के कोरला में एक प्रशिक्षण अड्डे पर शुरू हुआ।
  2. इसका केंद्र ऊंचाई पर संयुक्त आतंकवाद-रोधी सफ़ाया अभियान है।
  3. दोनों सेनाओं ने सितंबर में ख़ुंजेराब के पास संयुक्त गश्त की थी।

पाकिस्तान और चीन की सेनाओं ने बुधवार को चीन के शिनजियांग क्षेत्र में एक संयुक्त अभ्यास शुरू किया, जिसमें ऊंचे पहाड़ों में आतंकवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण होगा।

चीनी सेना के मुताबिक़ ‘काराकोरम 2026’ नाम के इस अभ्यास की शुरुआत कोरला शहर के एक प्रशिक्षण अड्डे पर समारोह के साथ हुई। यह “ऊंचाई पर संयुक्त आतंकवाद-रोधी सफ़ाया अभियानों” पर आधारित है, और कार्यक्रम में ड्रोन संचालन, चलते-चलते लक्ष्य खोजकर निशाना साधना और लंबी दूरी की स्नाइपिंग शामिल है। दोनों पक्ष संयुक्त कमान और लाइव-फ़ोर्स अभ्यास भी करेंगे।

शुरुआत में पाकिस्तानी सैनिकों को चीन के कुछ हथियार और उपकरण दिखाए गए, और दोनों सेनाओं ने उग्रवाद से निपटने के अपने अनुभव साझा किए। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल चेन शी ने एक हफ़्ते पहले इस अभ्यास की घोषणा की थी। किसी भी पक्ष ने यह नहीं बताया है कि अभ्यास कितने दिन चलेगा या इसमें कितने सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।

यह अभ्यास दोनों पड़ोसियों के क़रीबी सैन्य रिश्तों का ताज़ा संकेत है। सितंबर में दोनों देशों के सैनिकों ने गिलगित-बाल्टिस्तान के हुंज़ा इलाक़े में ख़ुंजेराब टॉप के पास क़रीब 4,700 मीटर की ऊंचाई पर मंतिका दर्रे में संयुक्त गश्त की थी। मई में दोनों ने सैन्य सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

पाकिस्तान के लिए यह अभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब उसकी सेना देश के भीतर, ख़ासकर ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में, बढ़ती उग्रवादी हिंसा का सामना कर रही है। वहां इस्लामाबाद ने रविवार को प्रांतीय सरकार के आतंकवाद से न लड़ पाने का हवाला देकर आपातकाल और गवर्नर शासन लगाया था।