दुनियाखाड़ी
दो हफ्ते बाद खुला रियाद हवाई अड्डा, पर हूती मिसाइलें थमी नहीं
किंग खालिद इंटरनेशनल ने रविवार को दो टर्मिनल खोले, उसी दौरान सऊदी वायु रक्षा ने और मिसाइलें व ड्रोन गिराए। गिनी-चुनी उड़ानें निकलीं, अमेरिका ने अपने कर्मचारियों की यात्रा पर सख्ती बढ़ाई और भारतीय एयरलाइंस अब भी दूर हैं।

मुख्य बातें
- दो हफ्ते बंद रहने के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने रविवार को टर्मिनल 1 और 2 खोले।
- सऊदी सेना ने कहा कि रियाद के ऊपर एक मिसाइल और एक ड्रोन, और दक्षिण की ओर दागी गईं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें गिराई गईं।
- एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद की उड़ानें 7 नवंबर तक रोक रखी हैं।
रियाद का मुख्य हवाई अड्डा रविवार को दो हफ्ते बाद फिर खुल गया, लेकिन जिन हूती मिसाइलों और ड्रोन की वजह से यह बंद हुआ था, वे पहले यात्रियों के लौटते समय भी आसमान में थे।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए टर्मिनल 1 और 2 खोले। डिपार्चर बोर्ड खाली-खाली रहे: फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों में गिने-चुने विमान ही उड़ते दिखे और ज़्यादातर उड़ानें अब भी रद्द थीं।
हवाई अड्डा खुलने की तैयारी के बीच राजधानी के ऊपर धमाके सुने गए। इससे पहले लोगों के फोन पर दुश्मन के हमले के खतरे का अलर्ट आया था। सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि वायु रक्षा ने रविवार तड़के रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को नष्ट कर दिया, और 10 और बैलिस्टिक मिसाइलें देश के दक्षिणी हिस्से पर दागी गईं।
सबसे ज़्यादा मार दक्षिण पर
सऊदी सिविल डिफेंस ने कहा कि खमीस मुशैत और अहद रफीदा इलाकों के ऊपर रोकी गई दो मिसाइलों के मलबे से दो लोग घायल हुए, एक सऊदी नागरिक और एक एशियाई देश का निवासी, जिसके देश का नाम नहीं बताया गया। तीन इमारतों और सात गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
ईरान समर्थित हूतियों ने कहा कि उन्होंने “दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ तीन सैन्य अभियान” चलाए, जिनका निशाना खमीस मुशैत का किंग खालिद एयर बेस और जाज़ान का एक नौसैनिक अड्डा था। उनके सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि रियाद हवाई अड्डे पर हमले ने “अपना लक्ष्य हासिल किया”। समूह का कहना है कि वह सना पर सऊदी हमलों का जवाब दे रहा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
इस महीने की शुरुआत में हवाई अड्डा परिसर के दूसरे हिस्से पर हुए हमलों के बाद इसे बंद किया गया था। उन हमलों में एक दर्जन से ज़्यादा लोग मारे गए और करीब 300 घायल हुए। मरने वालों में हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली भी थे।
वॉशिंगटन ने नियम कड़े किए
अमेरिकी दूतावास ने रविवार को कहा कि अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को सऊदी अरब के किसी भी हवाई अड्डे के इस्तेमाल के लिए मिशन प्रमुख से विशेष अनुमति लेनी होगी। वे यमन सीमा के 20 मील (32 किलोमीटर) के भीतर नहीं जा सकेंगे, और जाज़ान, असीर व नजरान प्रांतों तथा क़तीफ़, यानबू और ताइफ़ शहरों की यात्रा के लिए मंज़ूरी लेनी होगी। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डों पर हमलों, अचानक हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानें रद्द होने की आशंका से आगाह किया।
युद्ध की कीमत सऊदी अरब को बड़े आयोजनों के रूप में भी चुकानी पड़ रही है। आयोजकों ने कहा कि 2027 की डकार रैली हमलों की वजह से सऊदी अरब में नहीं होगी और नई जगह की घोषणा कुछ दिनों में की जाएगी।
भारतीय उड़ानें अब भी बंद
सऊदी अरब में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय और वहां फंसे उमरा यात्रियों के लिए हवाई अड्डा खुलने का मतलब अभी घर वापसी का रास्ता नहीं है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शनिवार को कहा था कि वे 7 नवंबर तक रियाद और दम्माम, और 31 अक्टूबर तक जेद्दा के लिए उड़ान नहीं भरेंगी। इंडिगो ने महीने के अंत तक रियाद की उड़ानें रद्द की हैं और अकासा एयर ने 30 नवंबर तक रियाद की सेवा रोकी है।
सोमवार तड़के तक भारतीय एयरलाइंस ने इन योजनाओं में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की थी।