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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट मैरीलैंड के मैग्नेट स्कूल दाखिले में नस्ल के मामले और घर पर शराब बनाने की पाबंदी पर सुनवाई करेगा
सोमवार के आदेशों में अदालत ने बर्खास्त एनएलआरबी सदस्य की बहाली की अर्ज़ी और पेटेंट दफ़्तर की नीति के ख़िलाफ़ गूगल की चुनौती भी सुनने से इनकार कर दिया।

मुख्य बातें
- अदालत मोंटगोमरी काउंटी के मैग्नेट मिडिल स्कूलों में दाखिले के ख़िलाफ़ एशियाई-अमेरिकी अभिभावकों की चुनौती सुनेगी।
- वह यह भी तय करेगी कि घर पर शराब की भट्टी लगाने पर 1868 की संघीय पाबंदी संवैधानिक है या नहीं।
- ग्विन विलकॉक्स का मामला सुनने से इनकार के साथ एनएलआरबी से उनकी बर्खास्तगी बरकरार रही।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मैरीलैंड के चुनिंदा मैग्नेट मिडिल स्कूलों में दाखिले के ख़िलाफ़ एशियाई-अमेरिकी अभिभावकों की चुनौती पर फ़ैसला करने की हामी भरी। 2024 में ऐसे दो मामले ठुकराने के बाद यह पहली बार है जब नस्ल और स्कूल दाखिले का सवाल फिर जजों के सामने होगा।
16 अक्टूबर की बैठक से निकले इन्हीं आदेशों में जजों ने 1868 से चली आ रही घर पर शराब की भट्टी लगाने की पाबंदी के बचाव में सरकार की अपील भी सुनवाई के लिए मंज़ूर की, और दो चर्चित अपीलें ठुकरा दीं: एक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बर्खास्त श्रम बोर्ड की पूर्व सदस्य की, और दूसरी गूगल की।
मैग्नेट स्कूल का मामला
एसोसिएशन फ़ॉर एजुकेशन फ़ेयरनेस बनाम मोंटगोमरी काउंटी बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन मामला वॉशिंगटन से सटी मोंटगोमरी काउंटी के ज़्यादातर एशियाई-अमेरिकी अभिभावकों के एक समूह ने दायर किया है। उनका कहना है कि काउंटी ने 2021-22 में लॉटरी पर आधारित जो दाखिला प्रक्रिया अपनाई, उसका मकसद सबसे चुनिंदा स्कूलों में एशियाई-अमेरिकी छात्रों की संख्या घटाना था।
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज पाउला ज़ीनिस ने मुकदमा ख़ारिज कर दिया था। उन्होंने पाया कि अभिभावक असमान बोझ साबित नहीं कर पाए, क्योंकि दाखिला पाने वाले एशियाई-अमेरिकी छात्रों का हिस्सा आवेदकों में उनके हिस्से से “काफ़ी आगे” है। चौथे सर्किट की अपील अदालत ने फ़रवरी में यह फ़ैसला बरकरार रखा।
अब जजों को यह तय करना है कि किसी नस्ल-निरपेक्ष नीति को भेदभावपूर्ण बताकर चुनौती देने वाले को क्या यह दिखाना होगा कि निशाना बने समूह को आवेदकों में उसके हिस्से के मुकाबले असमान नुकसान हुआ। स्कूल बोर्ड ने अदालत से कहा था कि यह मामला “साधारण और कम महत्व का” है। बहस अगले साल की शुरुआत में होने की उम्मीद है।
फ़रवरी 2024 में अदालत ने वर्जीनिया के थॉमस जेफ़रसन हाई स्कूल फ़ॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दाखिले की चुनौती सुनने से इनकार किया था, और दिसंबर 2024 में बोस्टन के तीन सरकारी हाई स्कूलों से जुड़ा मामला लौटा दिया था।
घरेलू भट्टी पर सुनवाई
डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस बनाम मैकनट मामले में सरकार पांचवें सर्किट के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर रही है, जिसमें कहा गया कि घरेलू भट्टी पर पाबंदी कांग्रेस के कर लगाने के अधिकार से आगे जाती है। अपील अदालत ने लिखा था कि “कर चोरी की आशंका में किसी गतिविधि को रोकना, कराधान खंड के तहत कांग्रेस की शक्ति पर कोई सीमा ही नहीं छोड़ता।” कानून तोड़ने पर 10,000 डॉलर तक जुर्माना, पांच साल की कैद या दोनों हो सकते हैं।
मुकदमा 2023 में हॉबी डिस्टिलर्स एसोसिएशन और उसके कुछ सदस्यों ने दायर किया था। सेवानिवृत्त एयरोस्पेस इंजीनियर जॉन रीम के मामले में छठे सर्किट ने उल्टा निष्कर्ष निकाला था, यानी दो अदालतों के बीच मतभेद है जिसे सुप्रीम कोर्ट संभवतः जून के अंत तक सुलझाएगा।
ठुकराई गई अपीलें
अदालत ने बिना कोई टिप्पणी किए ग्विन विलकॉक्स का मामला सुनने से इनकार कर दिया। विलकॉक्स को राष्ट्रपति जो बाइडन ने नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड (एनएलआरबी) के लिए नामित किया था और ट्रंप ने 2025 में हटा दिया था। जून में ट्रंप बनाम स्लॉटर फ़ैसले से उनका मामला काफ़ी हद तक तय हो चुका था, जिसमें फ़ेडरल ट्रेड कमीशन के सदस्यों को हटाने से मिली सुरक्षा रद्द कर दी गई थी। इस इनकार के बाद बोर्ड में रिपब्लिकन 3-1 के बहुमत में बने रहेंगे।
जजों ने अमेरिकी पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफ़िस की उस नीति के ख़िलाफ़ गूगल की चुनौती भी ठुकरा दी, जिससे छह साल से ज़्यादा पुराने पेटेंटों की समीक्षा मांगना मुश्किल हो गया है। गूगल का तर्क था कि “पीटीओ (पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफ़िस) को वहां समय-सीमा बनाने का कोई अधिकार नहीं है जहां कांग्रेस ने नहीं बनाई।” पेटेंट बोर्ड ने 2026 में 37% समीक्षा अर्ज़ियां मंज़ूर कीं, जबकि पिछली निदेशक कैथी विडाल के समय यह आंकड़ा 65% था।