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ट्रंप का दावा, परमाणु हथियार घटाने पर रूस और चीन से चल रही है बात

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन दो सबसे बड़ी परमाणु ताकतों की बराबरी करने की होड़ में है और पांच साल में ऐसा कर सकता है। बातचीत का कोई ब्योरा उन्होंने नहीं दिया।

संपादकीय डेस्क से · वॉशिंगटनप्रकाशित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Shealeah Craighead / Wikimedia Commons; U.S. Department of State from United States / Wikimedia Commons, Public domain

मुख्य बातें

  1. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण पर रूस और चीन दोनों से बात कर रहा है।
  2. उनके मुताबिक चीन पांच साल में बराबरी कर सकता है।
  3. चीन के पास करीब 620 वॉरहेड हैं, अमेरिका और रूस दोनों के पास 4,000 से ज़्यादा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर रूस और चीन से बातचीत कर रहा है। साथ ही उन्होंने चेताया कि बीजिंग तेज़ी से अपना ज़खीरा बढ़ा रहा है।

गुरुवार को अमेरिकी चैनल न्यूज़मैक्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और रूस से काफी कम वॉरहेड वाला चीन पांच साल में उनकी “बराबरी कर लेगा।” उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन दोनों देशों से परमाणु हथियार खत्म करने के रास्ते पर बात कर रहा है।

ट्रंप ने कहा, “पूरा मामला अफसोसनाक है, क्योंकि अगर मुमकिन हो तो मैं परमाणु हथियार खत्म करना चाहूंगा। हम इस बारे में रूस से भी बात कर रहे हैं और चीन से भी इस निरस्त्रीकरण पर बात कर रहे हैं।”

उन्होंने जोड़ा कि चीन हथियार छोड़ने को तैयार नहीं दिखता, पर बातचीत जारी है। न्यूज़मैक्स ने बताया कि ट्रंप ने इस विषय पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की थी। किसी भी देश के साथ बातचीत का और ब्योरा नहीं दिया गया।

आंकड़े क्या कहते हैं

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के मुताबिक चीन के पास करीब 620 परमाणु वॉरहेड हैं और पिछले एक साल में उसने अपना ज़खीरा बढ़ाया है। अमेरिका और रूस दोनों के पास 4,000 से ज़्यादा वॉरहेड हैं और दुनिया के अनुमानित 86% परमाणु हथियार इन्हीं दोनों के पास हैं। सबसे बड़ा भंडार रूस का है।

ट्रंप का यह बयान अमेरिका और रूस के परमाणु ज़खीरे को सीमित करने वाली हथियार नियंत्रण संधि, सामरिक हथियार न्यूनीकरण संधि (स्टार्ट) की मियाद खत्म होने के बाद आया है। संधि खत्म होने के एक महीने बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फॉरवर्ड डिटरेंस इनिशिएटिव का ऐलान किया था, क्योंकि यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की परमाणु धमकियों ने यूरोप को बेचैन कर दिया है।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विदेश मंत्री गैरेथ इवांस ने कहा कि दुनिया इस खतरे से बेपरवाह हो गई है। उन्होंने कहा, “दुनिया परमाणु युद्ध के खतरों को लेकर चिंताजनक रूप से लापरवाह हो गई है, जब हथियार नियंत्रण का हर बड़ा समझौता या तो खत्म हो चुका है, खत्म हो रहा है या आखिरी सांसें ले रहा है, और धमकी या इस्तेमाल के खिलाफ पुरानी वर्जना कमज़ोर पड़ रही है।”