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जनगणना 2027: आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा, जाति भी

जनसंख्या गणना में 40 सवाल पूछे जाएंगे, उम्र और धर्म से लेकर आधार, बैंक खाते और जाति तक। जानिए क्या उम्मीद करें, कब, और क्या अब भी साफ नहीं है।

संपादकीय डेस्क सेप्रकाशित

संक्षेप में

जनगणना 2027, 2011 के बाद भारत की पहली जनगणना है और पहली डिजिटल जनगणना भी। जनसंख्या गणना में प्रगणक 40 सवाल पूछेंगे, जिनमें 1931 के बाद पहली बार सभी समूहों की जाति शामिल है, साथ ही आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खातों जैसे नए सवाल भी। ज़्यादातर भारत की गणना फरवरी 2027 में होगी, जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है।

जनगणना 2027 क्या है?

यह 2011 के बाद भारत की पहली जनगणना है, और पहली जो डिजिटल तरीके से हो रही है। यह दो चरणों में होती है: पहले मकान सूचीकरण और आवास गणना, फिर जनसंख्या गणना, जिसमें हर व्यक्ति की गिनती होती है। लोगों के पास प्रगणक के आने से पहले अपना ब्योरा खुद ऑनलाइन भरने का विकल्प भी है।

मकान सूचीकरण का चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच तय था। एएनआई के मुताबिक, हर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को घर-घर जाकर काम करने के लिए 30 दिन मिले, और उससे पहले 15 दिन की वैकल्पिक स्व-गणना अवधि। बाद में गणना करने वाले राज्यों में से एक, पश्चिम बंगाल में स्व-गणना 1 से 15 अगस्त तक और घर-घर मकान सूचीकरण 16 अगस्त से 14 सितंबर तक चला।

जनगणना 2027 में क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?

हर व्यक्ति के बारे में चालीस सवाल, जिन्हें महारजिस्ट्रार ने 14 अगस्त 2026 को अधिसूचित किया। पूरी सूची जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एक राजपत्र अधिसूचना में प्रकाशित हुई, जो प्रगणकों को निर्देश देती है कि वे “ऐसी सीमाओं के भीतर रहने वाले सभी व्यक्तियों से ऐसे सभी सवाल पूछें”। बिज़नेस स्टैंडर्ड और पीटीआई की रिपोर्टों में इनमें से ये सवाल गिनाए गए हैं:

  • उम्र, धर्म, मातृभाषा, प्रवास, काम और प्रजनन, जो ज़्यादातर 2011 से जस के तस हैं
  • आप अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से हैं या नहीं, और आपकी जाति
  • आपके माता-पिता और जीवनसाथी का ब्योरा
  • पढ़ाई का विषय और डिजिटल साक्षरता
  • आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का ब्योरा, मोबाइल नंबर और स्थायी पता
  • आपके कितने बैंक खाते हैं
  • आपने कोविड-19 का टीका कहां लगवाया

तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मकान सूचीकरण के चरण में 33 सवालों का एक अलग सेट इस्तेमाल हुआ।

जनगणना में जाति कैसे दर्ज होगी?

सवाल 10, जो 2011 में सिर्फ एससी या एसटी होने के बारे में पूछता था, अब “एससी/एसटी/जाति” है, और हर समूह पर लागू होता है। बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, भारत ने आखिरी बार 1931 में सभी समूहों की जाति गिनी थी; आज़ादी के बाद की हर जनगणना में सिर्फ एससी और एसटी की स्थिति दर्ज हुई।

अधिसूचना के साथ जातियों की कोई पहले से तय सूची नहीं थी, इसलिए लोग जो जवाब देंगे, वही दर्ज होगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि बिहार और तेलंगाना के जाति सर्वेक्षणों जैसी राज्यवार सूची की व्यापक उम्मीद थी, और उसके न होने से “मंशा पर गंभीर संदेह” पैदा होते हैं।

महारजिस्ट्रार लाखों लिखित जवाबों को श्रेणियों में कैसे बांटेगा, यह सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मेरे इलाके में जनगणना कब होगी?

ज़्यादातर भारत की गणना फरवरी 2027 में होगी, लेकिन कुछ इलाकों में पहले। हर कार्यक्रम की अपनी संदर्भ तिथि है, यानी वह पल जिसके हिसाब से आबादी गिनी जाती है।

जनसंख्या गणना का कार्यक्रम

  1. सितंबर 2026लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से घिरे इलाके; संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026
  2. 16–30 नवंबर 2026उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के बर्फ रहित इलाकों में स्व-गणना
  3. 1 दिसंबर 2026–4 जनवरी 2027इन चार राज्यों में घर-घर गणना; पुनरीक्षण दौर 5–9 जनवरी; संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027
  4. फरवरी 2027बाकी भारत; संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027

पहले गिने जाने वाले चारों राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच खत्म हो रहा है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने पहले वाले कार्यक्रम को इन चुनावों से जोड़ा; अधिसूचना में खुद कोई कारण नहीं दिया गया है।

इन चार राज्यों में आबादी 5 जनवरी 2027 की आधी रात की स्थिति के हिसाब से गिनी जाएगी, जो 1 मार्च 2027 की राष्ट्रीय संदर्भ तिथि से दो महीने पहले है।

जनगणना में स्व-गणना कैसे होती है?

प्रगणक के आने से ठीक पहले की एक अवधि में आप अपने परिवार का ब्योरा खुद ऑनलाइन भर सकते हैं। चुनाव वाले चार राज्यों में यह अवधि 16 से 30 नवंबर 2026 है। पीटीआई के मुताबिक, बर्फ से घिरे इलाकों में यह 17 से 31 अगस्त 2026 तक चली। बिज़नेस स्टैंडर्ड इस विकल्प को डिजिटल तरीके से होने वाली पहली जनगणना की खूबियों में से एक बताता है।

जनगणना 2027 आंकड़ों में

  • 40जनसंख्या गणना में सवाल
  • 33मकान सूचीकरण चरण में सवाल
  • 1931आखिरी जनगणना जिसमें सभी समूहों की जाति दर्ज हुई
  • 1 मार्च 2027ज़्यादातर भारत के लिए संदर्भ तिथि

जनगणना कौन कराता है, और इस पर कितना खर्च होता है?

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त का कार्यालय इसे जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कराता है। मौजूदा महारजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण हैं, जिन्होंने सवालों वाली अगस्त की अधिसूचना और चार राज्यों में गणना पहले कराने वाली सितंबर की अधिसूचना, दोनों पर दस्तखत किए।

तेलंगाना टुडे और द अरुणाचल टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक जनगणना का बजट ₹11,718 करोड़ है।

ज़मीनी काम के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ज़रूरत होती है। राज्य के प्रभारी जनगणना निदेशक निखिल पवन कल्याण ने एएनआई को बताया कि अकेले पश्चिम बंगाल में मकान सूचीकरण के लिए करीब 2 लाख प्रगणक लगाए गए। यूएनआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर कहा कि राज्य ने 14 सितंबर की समय-सीमा से पहले सभी 1,73,066 मकान सूचीकरण ब्लॉक पूरे कर लिए।

जनगणना के नतीजे कब आएंगे?

कोई तारीख घोषित नहीं हुई है। लोकवॉक्स को कुल आबादी या जाति तालिकाएं जारी करने का कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं मिला। ज़्यादातर भारत में गणना 2027 की शुरुआत में खत्म होनी है। नतीजे जारी होने तक 2011 की जनगणना ही भारत की आबादी की ताज़ा आधिकारिक गिनती बनी रहेगी।

मूल दस्तावेज़