नीतिव्यापार
पीयूष गोयल ने स्कॉटलैंड के जॉन स्विनी और चिली के एदुआर्दो फ़्रेई से व्यापार-निवेश पर बात की
वाणिज्य मंत्री ने स्कॉटलैंड के फ़र्स्ट मिनिस्टर से भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत मौकों पर और पूर्व राष्ट्रपति के नेतृत्व वाले चिली के प्रतिनिधिमंडल से लंबित व्यापार समझौते पर चर्चा की।
मुख्य बातें
- पीयूष गोयल और स्कॉटलैंड के फ़र्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और डेटा सेंटर पर चर्चा की।
- चिली के पूर्व राष्ट्रपति एदुआर्दो फ़्रेई के साथ व्यापार और निवेश के नए रास्तों पर बात हुई।
- भारत और चिली का लक्ष्य 2026 के अंत तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता पूरा करना है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को स्कॉटलैंड के फ़र्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी और चिली के पूर्व राष्ट्रपति एदुआर्दो फ़्रेई के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से अलग-अलग मुलाकात की। भारत अपने नए व्यापार समझौतों का फ़ायदा उठाने और नए समझौते पूरे करने में जुटा है।
स्विनी के साथ बातचीत भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) से खुलने वाले मौकों पर केंद्रित रही, खासकर सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, डेटा सेंटर और तकनीक आधारित दूसरे क्षेत्रों में। गोयल ने बाद में एक्स पर लिखा, “हमने भारत-स्कॉटलैंड आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सार्थक बातचीत की।” दोनों ने उच्च शिक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष, पर्यटन और दोनों देशों के उद्योगों के बीच साझेदारी पर भी बात की।
सीईटीए 15 जुलाई 2026 से लागू है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इससे भारत के करीब 99% निर्यात को ब्रिटेन के बाज़ार में शून्य शुल्क पर पहुंच मिलती है।
चिली से बातचीत
फ़्रेई इस समय चिली के विशेष मिशन पर राजदूत हैं। उनके साथ चिली के अधिकारी और लैटिन अमेरिका व कैरिबियाई विकास बैंक (सीएएफ़) के प्रतिनिधि भी थे। गोयल ने कहा कि उन्होंने “भारत-चिली आर्थिक रिश्ते मज़बूत करने और व्यापार के नए रास्ते तलाशने पर विचार साझा किए।”
भारत और चिली मौजूदा तरजीही व्यापार समझौते को आगे बढ़ाते हुए एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत कर रहे हैं। मंत्रालय ने 30 अगस्त के एक बयान में कहा था कि दोनों पक्षों का लक्ष्य 2026 के अंत तक बातचीत पूरी करना है, और इसमें अहम व रणनीतिक खनिजों तक पहुंच प्राथमिकता है।
किसी भी बैठक में निवेश की प्रतिबद्धता या समझौते की घोषणा नहीं हुई।