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नीतिरेलवे

दिवाली और छठ की भीड़ से पहले रेल पुलिस रेलमदद शिकायत प्रणाली से जुड़ेगी

नई दिल्ली में आरपीएफ की मेज़बानी में हुए राजकीय रेलवे पुलिस प्रमुखों के आठवें सम्मेलन में त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे, राज्य और मेट्रो पुलिस के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया गया।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री (फ़ाइल फ़ोटो)
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Ravi Dwivedi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. जीआरपी कर्मियों को रेलवे के शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म रेलमदद से जोड़ा जा रहा है।
  2. जीआरपी प्रमुखों का 8वां अखिल भारतीय सम्मेलन शुक्रवार को नई दिल्ली में खत्म हुआ।
  3. दिल्ली मंडल ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो के साथ अपनी दिवाली-छठ भीड़ योजना बताई।

दिवाली और छठ की यात्रा भीड़ से पहले राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कर्मियों को रेलवे के यात्री शिकायत प्लेटफॉर्म रेलमदद से जोड़ा जा रहा है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

यह कदम जीआरपी प्रमुखों के 8वें अखिल भारतीय सम्मेलन की खास बात रहा, जिसका आयोजन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने किया था और जो शुक्रवार को नई दिल्ली में खत्म हुआ। यह जुड़ाव सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) कर रहा है। इसका मकसद यात्रियों की शिकायतों का जल्दी निपटारा, बलों के बीच समय पर जानकारी साझा करना और शिकायतों पर कार्रवाई की निगरानी है।

सम्मेलन में मंत्रालय के शब्दों में आरपीएफ, जीआरपी और राज्य पुलिस के बीच मज़बूत तालमेल और खुफिया जानकारी पर आधारित पुलिसिंग पर ज़ोर दिया गया। सुरक्षा की नई चुनौतियों और बेहतर तौर-तरीकों पर भी चर्चा हुई।

त्योहारी भीड़ की तैयारी

चर्चा का बड़ा हिस्सा दिवाली, छठ और दूसरे त्योहारों पर भीड़ संभालने पर रहा। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने बताया कि वह दिल्ली पुलिस, जीआरपी और दिल्ली मेट्रो के साथ कैसे काम कर रहा है। इसमें सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक घोषणाएं, बैरिकेडिंग, यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया और अलग नियंत्रण कक्ष शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि सम्मेलन में त्योहारों के व्यस्त समय में पहले से योजना, यात्रियों की सुगम आवाजाही और सुरक्षा कर्मियों की तालमेल वाली तैनाती की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया।

मंत्रालय ने तैनाती या त्योहारों पर अनुमानित यात्रियों की संख्या के आंकड़े जारी नहीं किए, और सम्मेलन को संबोधित करने वाले अधिकारियों के नाम भी नहीं बताए। दिवाली और छठ के आसपास के सबसे व्यस्त यात्रा दिन अभी आने बाकी हैं।

मूल दस्तावेज़