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संशोधित जीएसटीआर-1 फॉर्म पर 1 नवंबर से सुझाव मांगे जाएंगे, अप्रैल से होंगे लागू
सीबीआईसी के जीएसटी नीति प्रमुख ने कहा कि इस महीने जीएसटी परिषद से मंजूर नए रिटर्न फॉर्म का मकसद जीएसटीआर-3बी से बेमेल और उसके बाद आने वाले नोटिस घटाना है। अगली बारी ऑडिट की है।

मुख्य बातें
- संशोधित जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-1ए और आईएफएफ फॉर्म 1 नवंबर से माईगव पर सुझावों के लिए रखे जाएंगे।
- सुझाव 30 नवंबर तक दिए जा सकेंगे और नए फॉर्म 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
- जीएसटी परिषद के 8 अक्टूबर के फैसलों पर अधिसूचनाएं शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आनी हैं।
हर महीने भरे जाने वाले जीएसटी रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-1ए और आईएफएफ के संशोधित रूप 1 नवंबर से माईगव पोर्टल पर जनता के सुझावों के लिए रखे जाएंगे और 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। एक वरिष्ठ कर अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की जीएसटी नीति शाखा के आयुक्त गौरव सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सुझाव 30 नवंबर तक लिए जाएंगे। बदलावों का मकसद बिक्री रिटर्न को जीएसटीआर-3बी से बेहतर ढंग से मिलाना है, जिस मासिक फॉर्म पर कारोबारी अपना कर चुकाते हैं।
जीएसटी परिषद ने 8 अक्टूबर को अपनी 57वीं बैठक में इन सुधारों को मंजूरी दी थी। परिषद ने कारोबारियों के लिए रिटर्न में कर देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में संशोधन का एक वैकल्पिक तरीका भी मंजूर किया, जिससे सरकार को उम्मीद है कि बेमेल आंकड़े और उनसे निकलने वाले नोटिस घटेंगे। सिंह ने कहा कि परिषद के फैसलों पर अधिसूचनाएं और सर्कुलर, जिनकी कानून विभाग जांच कर चुका है, शुक्रवार 23 अक्टूबर को जारी होने हैं।
अब ऑडिट की बारी
सिंह ने कहा कि विभाग जीएसटी ऑडिट को सरल बनाने पर भी काम करेगा। कई राज्यों में काम करने वाले कारोबार को अभी हर राज्य के कर अधिकारियों के अलग-अलग ऑडिट का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “ऑडिट के मामले में हमें गौर करना होगा।” उन्होंने जोड़ा कि इस प्रक्रिया में करदाताओं का “कोई उत्पीड़न” नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट की कड़ी में ईमानदारी से जुड़ी समस्याएं सुलझ जाने के बाद आगे के जीएसटी सुधार तेज होंगे।