नीतिकूटनीति
अफ़्रीका दौरे के दो हफ़्ते बाद जयशंकर ने दिल्ली में अफ़्रीकी राजनयिकों से बात की
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-अफ़्रीका साझेदारी साझा इतिहास और दक्षिण-दक्षिण एकजुटता पर टिकी है, और बातचीत में बहुध्रुवीय दुनिया में अफ़्रीका के उभार पर चर्चा हुई।

मुख्य बातें
- एस. जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में अफ़्रीका के मिशन प्रमुखों से बातचीत की।
- उन्होंने कहा कि यह साझेदारी साझा इतिहास और दक्षिण-दक्षिण एकजुटता पर बनी है।
- इस महीने की शुरुआत में वे घाना, कोत दिव्वार और इथियोपिया गए थे।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में अफ़्रीकी देशों के मिशन प्रमुखों से मुलाकात की। बाद में उन्होंने कहा कि महाद्वीप के साथ भारत का रिश्ता साझा अतीत और साझा लक्ष्यों पर टिका है।
बातचीत के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “भारत-अफ़्रीका साझेदारी साझा इतिहास, साझा आकांक्षाओं और गहरी दक्षिण-दक्षिण एकजुटता पर बनी है।”
उन्होंने बताया कि चर्चा साझेदारी, “बहुध्रुवीय दुनिया में अफ़्रीका के उभार” और लोगों को केंद्र में रखकर सहयोग की नई संभावनाओं पर हुई। उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे या किसी खास परियोजना पर बात हुई या नहीं।
अफ़्रीका दौरे के बाद
यह मुलाकात 6 से 10 अक्टूबर तक जयशंकर की घाना, कोत दिव्वार और इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा के दो हफ़्ते बाद हुई।
अदीस अबाबा में उन्होंने अफ़्रीका में तैनात भारत के मिशन प्रमुखों के एक सम्मेलन की अध्यक्षता की थी और अदवा मेमोरियल म्यूज़ियम में भाषण देकर साझेदारी पर अपना नज़रिया रखा था। उन्होंने वहां कहा था कि भविष्य का सहयोग निर्भरता पैदा करने के बजाय क्षमताएं बनाने वाला होना चाहिए, और सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग की थी ताकि अफ़्रीका को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
उन्होंने तब कहा था, “भारत और अफ़्रीका के बीच ग्लोबल साउथ की एकजुटता और रणनीतिक स्वायत्तता पर बने गहरे रिश्ते हैं।” इस सूची में उन्होंने बहुध्रुवीयता और विकास की साझा आकांक्षाओं को भी जोड़ा था।