नीतिपूर्वोत्तर
फ्रंटियर नगालैंड प्राधिकरण विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी, पूर्वी नगालैंड के छह जिलों को मिलेगी अपनी परिषद
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने रविवार को मंजूरी की जानकारी दी। कानून 46 विषयों वाला 62 सदस्यों का प्राधिकरण बनाता है, पर यह तभी लागू होगा जब राज्य सरकार तारीख अधिसूचित करेगी।

मुख्य बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है।
- प्राधिकरण पूर्व के छह जिलों के लिए होगा और 46 विषय संभालेगा।
- कानून उसी तारीख से लागू होगा जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचित करेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इससे नगालैंड के उन छह पूर्वी जिलों के लिए स्वशासी परिषद का रास्ता खुल गया है, जो लंबे समय से पिछड़ जाने की शिकायत करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने रविवार को एक्स पर मंजूरी की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “यह पूर्वी नगालैंड के लोगों की आकांक्षाओं को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है।” उन्होंने राष्ट्रपति का और प्रक्रिया में समन्वय के लिए “@HMOIndia” यानी गृह मंत्रालय का आभार जताया।
प्राधिकरण त्युएनसांग, मोन, लोंगलेंग, किफिरे, नोकलाक और शामातोर जिलों के लिए होगा, जिन्हें मिलाकर फ्रंटियर नगालैंड टेरिटरी कहा जाता है। नगालैंड विधानसभा ने 3 सितंबर को यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया था।
प्राधिकरण कैसा होगा
फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी में 62 सदस्य होंगे। इनमें 40 एक-सदस्यीय क्षेत्रों से सीधे चुने जाएंगे और इनमें से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। जिन 20 विधायकों की सीटें इस क्षेत्र में आती हैं, वे पदेन सदस्य होंगे, लेकिन उन्हें न वोट का अधिकार होगा और न वे कार्यकारी परिषद में शामिल हो सकेंगे। राज्यपाल उन मान्यता प्राप्त जनजातियों से दो और सदस्य मनोनीत करेंगे जिनका प्रतिनिधित्व नहीं है या कम है। इन दोनों को वोट का अधिकार होगा।
प्राधिकरण का कार्यकाल पांच साल का होगा और चुनाव राज्य चुनाव आयोग कराएगा। रोजमर्रा का कामकाज अधिकतम नौ सदस्यों वाली कार्यकारी परिषद चलाएगी, जिसके प्रमुख मुख्य कार्यकारी सदस्य होंगे।
कुल 46 विषय प्राधिकरण को सौंपे जाने हैं। इनमें कृषि, स्वास्थ्य, उच्चतर माध्यमिक तक की स्कूली शिक्षा, ग्रामीण विकास, पर्यटन, समाज कल्याण और तय सार्वजनिक निर्माण कार्य शामिल हैं। ग्राम परिषदें, शहरी स्थानीय निकाय, स्थानीय कर, ग्राम रक्षक और प्रथागत अदालतें भी इसके दायरे में होंगी। सौंपे गए विषयों पर प्राधिकरण कानून की पहल कर सकेगा। ऐसे कानून के लिए वोट देने वाले सदस्यों का बहुमत, फिर राज्यपाल की मंजूरी और राजपत्र में प्रकाशन जरूरी होगा।
पैसा राज्य बजट में एक अलग मुख्य उपशीर्ष के जरिए मिलेगा और विकास निधि का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) कर सकेंगे। क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की निगरानी पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) स्तर का अधिकारी करेगा। विधेयक कहता है कि यह व्यवस्था नगा प्रथागत कानून की रक्षा करने वाले अनुच्छेद 371(ए) की भावना पर आधारित है, और 1873 का बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन तथा पंचायती राज से छूट “बिना किसी संशोधन या कमी के” जारी रहेगी।
कानून तक का लंबा सफर
यह प्राधिकरण 5 फरवरी को केंद्र, नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के बीच हुए समझौता ज्ञापन से निकला है। ईएनपीओ वर्षों से इस क्षेत्र के लिए अलग व्यवस्था की मांग करता रहा है। समझौते में 10 साल बाद समीक्षा का प्रावधान है।
26 मार्च को पेश पहला विधेयक तब वापस ले लिया गया, जब गृह मंत्रालय, ईएनपीओ और ईस्टर्न नगालैंड लेजिस्लेटर्स यूनियन ने कुछ प्रावधानों पर और स्पष्टता मांगी। उपमुख्यमंत्री वाई पैटन ने 1 सितंबर को संशोधित विधेयक पेश किया। जिस दिन यह पारित हुआ, रियो ने सदन को बताया कि गृह मंत्रालय ने प्राधिकरण को विधायी शक्तियां देने पर अपनी राय आने तक राज्य से इंतजार करने को कहा है। ईएनपीओ ने राज्य से फरवरी के समझौते पर कायम रहने की अपील की, जबकि विधायकों की यूनियन ने चिंताएं दूर होने तक विधेयक टालने की मांग की थी।
आगे क्या
राष्ट्रपति की मंजूरी से प्राधिकरण अपने आप शुरू नहीं हो जाता। धारा 1(3) के तहत कानून “उस तारीख से लागू होगा जो राज्य सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के जरिए तय करेगी।” अभी कोई तारीख घोषित नहीं हुई है।
नियम भी अभी बनने हैं। पहला निर्वाचित प्राधिकरण बनने तक अधिकतम 13 सदस्यों वाली अंतरिम परिषद, जिसकी सिफारिश ईएनपीओ जनजातीय परिषदों से सलाह कर करेगा, अधिकतम एक साल तक काम संभालेगी। राज्यपाल क्षेत्र से एक सांसद और तीन विधायकों को अंतरिम सलाहकार भी नियुक्त कर सकते हैं।
मूल दस्तावेज़
- President Murmu Gives Assent to Frontier Nagaland Territorial Authority Bill 2026News On AIR, 25 अक्टूबर 2026