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'गिरमिटिया' टिप्पणी पर आनंद शर्मा ने सरकार के सख्त रुख का समर्थन किया, कहा: भारत पर हुक्म नहीं चलेगा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भारतीय आईटी पेशेवरों के बारे में की गई टिप्पणी पर सरकार के जवाब का समर्थन किया और कहा कि अमेरिका को भारत की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहना होगा।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: World Economic Forum / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

मुख्य बातें

  1. आनंद शर्मा ने कहा कि भारतीय आईटी कर्मियों के लिए गिरमिटिया मजदूर शब्द औपनिवेशिक दौर की दर्दनाक यादें जगाता है।
  2. उन्होंने इस पर विदेश मंत्री के बयान का समर्थन किया।
  3. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में भारत की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने रविवार को भारतीय कंपनियों के लिए काम करने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों को “गिरमिटिया मजदूर” (इंडेंचर्ड सर्वेंट्स) कहने वाली टिप्पणी पर सरकार के सख्त जवाब का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह शब्द औपनिवेशिक शोषण की यादें ताजा करता है।

शर्मा ने नई दिल्ली में कहा, “यह शब्द ही औपनिवेशिक अतीत की बेहद दर्दनाक यादें जगाता है।” उन्होंने इसे कैरिबियन और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में गिरमिटिया मजदूर बनाकर ले जाए गए भारतीयों के इतिहास से जोड़ा।

शर्मा ने कहा कि उन्होंने सरकार का जवाब देखा है और इस मुद्दे पर विदेश मंत्री के बयान का समर्थन करते हैं।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे पर चर्चा चल रही है। वाणिज्य मंत्री रह चुके शर्मा ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी दोनों तरफ से चलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अब अमेरिका को भी भारत की स्थिति और जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहना होगा। अब हम पर हुक्म नहीं चलाया जा सकता।”

उन्होंने कहा, “भारत सरकार को भारत की संप्रभुता की रक्षा में मजबूती से डटे रहना चाहिए।” उन्होंने जोड़ा, “भारत एक बड़ा देश है और वैश्विक नेतृत्व का हिस्सा बनने की उसकी आकांक्षा जायज है।”

रुबियो 22 अक्टूबर तक भारत में हैं, और मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी बातचीत होनी है।