राजनीतिभाजपा बनाम कांग्रेस
भाजपा महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय पर मार्च, सांसद बिमोल अकोइजम को निकालने की मांग
11 छात्राओं की उत्पीड़न की शिकायतों के बाद जेएनयू ने इनर मणिपुर के सांसद को प्रोफेसर पद से बर्खास्त किया और पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अकोइजम आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साज़िश बता रहे हैं।

मुख्य बातें
- भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च किया और राहुल गांधी का पुतला जलाया।
- जेएनयू ने आंतरिक समिति की ओर से 11 छात्राओं की शिकायतों की जांच के बाद 9 अक्टूबर को अकोइजम को बर्खास्त किया।
- अकोइजम ने आरोपों से इनकार किया है और बर्खास्तगी को राजनीतिक 'विच हंट' कहा है।
भाजपा की महिला शाखा की कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च किया और राहुल गांधी का पुतला जलाया। उनकी मांग है कि कांग्रेस इनर मणिपुर के सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को पार्टी से निकाले। पिछले हफ्ते जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने छात्राओं की यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर उन्हें फैकल्टी से बर्खास्त कर दिया था।
पुलिस ने मार्च को आईटीओ के पास दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर ही रोक दिया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस से ले जाया गया। महिला मोर्चा ने शनिवार को लखनऊ में भी कांग्रेस दफ्तर के बाहर ऐसा ही प्रदर्शन किया था।
सांसद पर आरोप
अकोइजम जेएनयू के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में पढ़ाते थे। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने 11 छात्राओं की शिकायतों की जांच के बाद बड़ी सज़ा की सिफ़ारिश की, जिसके बाद 9 अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। छात्राओं ने मई में शिकायत की थी। उनका आरोप है कि अकोइजम बैठक के बहाने उन्हें कैंपस स्थित अपने घर बुलाते थे और उनका उत्पीड़न करते थे। कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील टिप्पणियों का भी आरोप लगाया है।
रविवार को दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर वसंत कुंज नॉर्थ थाने में एफआईआर दर्ज की। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और 79 लगाई गई हैं, जो यौन उत्पीड़न और महिला की लज्जा का अपमान करने से जुड़ी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। किसी अदालत ने अभी इन आरोपों पर फ़ैसला नहीं दिया है।
भाजपा की मांग
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी “नारी शक्ति हुंकार” के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने पूछा, “राहुल गांधी, आप अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ अभियान के ज़रिए ध्यान भटका रही है।
रविवार को भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने पार्टी मुख्यालय में भाजपा का पक्ष रखा था। उन्होंने कहा, “जिस तरह के आरोप सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं, आत्मा को झकझोर देते हैं।” राहुल गांधी के “स्मैश द पैट्रियार्की” वाले नारे का ज़िक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या यह उनके लिए सिर्फ़ राजनीतिक बयानबाज़ी है।
कांग्रेस पार्टी के लिए नारीवाद एक हैशटैग से शुरू होता है और जवाबदेही की दहलीज़ पर ख़त्म हो जाता है।
मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी और नगालैंड से राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक ने भी सोमवार के प्रदर्शन में बात रखी। अकोइजम को निकालने की मांग पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सोमवार को कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अकोइजम का जवाब
अकोइजम आरोपों से इनकार करते हैं। बर्खास्तगी के बाद इंफाल में देर रात हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जहां कांग्रेस के प्रतिनिधि भी उनके साथ थे, उन्होंने इस कार्रवाई को अगले साल की शुरुआत में होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें चुप कराने की राजनीतिक कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, “इस ‘घटिया राजनीति’ से कोई मुझे डरा नहीं सकता और न ही पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है। मैं अपनी धरती और अपने लोगों के लिए आख़िरी सांस तक लड़ूंगा।”
जेएनयू शिक्षक संघ ने भी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि विश्वविद्यालय के नियमों के तहत किसी शिक्षक को बर्खास्त करने का अधिकार सिर्फ़ कार्यकारी परिषद को है, और आदेश जारी होने से पहले परिषद की कोई बैठक नहीं बुलाई गई।