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केरलम हाईकोर्ट ने विजयन परिवार की शुक्रवार को सुनवाई की मांग ठुकराई, सीएमआरएल अपील सोमवार को

पिनराई विजयन के वकील विजिलेंस एफआईआर के खिलाफ अपील पर तुरंत सुनवाई चाहते थे। अदालत ने इसे 26 अक्टूबर को मूल खंडपीठ के सामने रखा, जो सुप्रीम कोर्ट की सात दिन की मोहलत के भीतर है।

संपादकीय डेस्क से · कोच्चिप्रकाशित
कोच्चि में केरल हाईकोर्ट की इमारत (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
कोच्चि में केरल हाईकोर्ट की इमारत (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Sanu N / Wikimedia Commons; Tarunsamanta / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपील सुनने से इनकार किया और इसे सोमवार, 26 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया।
  2. अपील जस्टिस के नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की पीठ के सामने जाएगी, जिसने पहले अपील की अनुमति नहीं दी थी।
  3. विजिलेंस जांच पर सुप्रीम कोर्ट की सात दिन की रोक 21 अक्टूबर से चल रही है।

केरलम हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के वकीलों की यह मांग ठुकरा दी कि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में उनके परिवार की अपील उसी दिन सुनी जाए। अदालत ने इसे सोमवार, 26 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

अपील जस्टिस के नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की मूल खंडपीठ के सामने जाएगी। इसी पीठ ने पहले परिवार की अपील की अनुमति वाली अर्जियां खारिज कर दी थीं, जिस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रद्द कर दिया।

विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पी ए मोहम्मद रियास जस्टिस ए बदरुद्दीन की एकल पीठ के 9 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं, जिसके बाद सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उनके नाम से एफआईआर दर्ज की। मामला उस सामग्री पर टिका है जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन कानून की धारा 66(2) के तहत राज्य पुलिस को भेजी थी, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संदिग्ध अपराधों की ओर इशारा था। ईडी अलग से संभावित धन शोधन की जांच कर रहा है।

घड़ी की सुई

21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) की जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने आगे की जांच पर सात दिन की रोक लगाई थी, ताकि परिवार अपील कर सके। पीठ ने साफ किया था कि एफआईआर कायम है, आरोप आपराधिक मामले लायक हैं या नहीं इस पर कोई राय नहीं दी, और आगे की अंतरिम राहत का फैसला हाईकोर्ट पर छोड़ा।

हाईकोर्ट ने यह सुरक्षा न बढ़ाई तो यह अगले हफ्ते खत्म हो जाएगी। सोमवार की सुनवाई से खंडपीठ के पास यह तय करने के लिए एक-दो दिन होंगे।