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बारिश ने धोई दिल्ली की हवा, एक्यूआई 86 के साथ 'संतोषजनक' श्रेणी में
पश्चिमी विक्षोभ से गुरुवार को आंधी-बारिश हुई और शुक्रवार सुबह राजधानी की हवा संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई। अक्टूबर में अब तक सामान्य से करीब तीन गुना बारिश हो चुकी है।

मुख्य बातें
- सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली का एक्यूआई 86 रहा।
- सबसे ज्यादा बारिश रिज पर हुई, 24 घंटे में 25.2 मिमी।
- मौसम विभाग के मुताबिक दशहरे समेत 17 से 22 अक्टूबर तक मौसम सूखा रहेगा।
शुक्रवार सुबह दिल्ली की हवा साफ रही। गुरुवार को राजधानी में आंधी-बारिश के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 9:30 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 86 था, जो “संतोषजनक” श्रेणी में आता है।
इस महीने की शुरुआत से यह बड़ा बदलाव है। 4 अक्टूबर को शहर का औसत एक्यूआई 187 पर पहुंच गया था, जो करीब तीन महीने में सबसे खराब था, और मुंडका जैसे केंद्र “खराब” श्रेणी में थे।
भीगा अक्टूबर
बारिश उत्तरी पंजाब के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हरियाणा पर बने चक्रवाती परिसंचरण से हुई। शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में रिज पर 25.2 मिमी, लोधी रोड पर 20 मिमी, सफदरजंग पर 15.9 मिमी और पालम पर 11.2 मिमी बारिश दर्ज हुई।
अक्टूबर में दिल्ली में अब तक 65.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे महीने का सामान्य औसत 24.2 मिमी है, यानी करीब तीन गुना। दिन का पारा तेजी से गिरा। गुरुवार को सफदरजंग का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.9 डिग्री कम और बुधवार से करीब छह डिग्री नीचे था। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री रहा, जबकि रिज पर पारा 17.7 डिग्री तक गिरा।
आगे सूखे दिन
यह राहत ज्यादा दिन टिकने की उम्मीद नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक शुक्रवार को आंशिक बादल और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, फिर 17 से 22 अक्टूबर तक मौसम सूखा रहेगा, जिसमें 20 अक्टूबर का दशहरा भी शामिल है। सूखा मौसम और धीमी हवाएं आम तौर पर प्रदूषण को फिर जमा होने देती हैं, और धान की कटाई के साथ पंजाब में पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं।
सीपीसीबी के पैमाने पर 51 से 100 का एक्यूआई “संतोषजनक”, 101 से 200 “मध्यम” और 201 से 300 “खराब” माना जाता है।