खेलएशियाई पैरा खेल
हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने चीन को हराकर जीता रिकर्व युगल स्वर्ण
पैरालंपिक चैंपियन और उनके नए साथी ने ओकाज़ाकी में 5-1 से जीत दर्ज की। भारत की महिला जोड़ी चीन से बड़ी हार के बाद रजत ले सकी।

मुख्य बातें
- हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल फाइनल में चीन के युन दुओ और झाओ लिशुए को 5-1 से हराया।
- भावना चौधरी और पूजा जात्यान महिला फाइनल 0-6 से हारीं और उन्हें रजत मिला।
- मिश्रित सेमीफाइनल हारने के बाद हरविंदर और भावना को कांस्य के लिए ईरान से खेलना था।
शुक्रवार को हरविंदर सिंह ने अपने पैरालंपिक स्वर्ण के साथ एशियाई पैरा खेलों का खिताब भी जोड़ लिया। विजय सुंडी के साथ मिलकर उन्होंने पुरुष रिकर्व युगल के फाइनल में चीन को 5-1 से हराया।
ओकाज़ाकी चुओ सोगो पार्क में पहले सेट में दोनों टीमों ने 35-35 अंक बनाए और सेट बराबर रहा। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने युन दुओ और झाओ लिशुए के खिलाफ दूसरा सेट 37-36 से जीता और तीसरा सेट 38-36 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।
विजय के लिए यह शानदार नतीजा रहा, जो इस स्तर पर पहली बार हरविंदर के साथ उतरे थे। भारत के पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर भारतीय पैरा तीरंदाज़ी का चेहरा रहे हैं और मज़बूत चीनी जोड़ी के खिलाफ करीबी फाइनल में उन्होंने संयम दिखाया।
महिलाओं के फाइनल में खुशी कम रही। भावना चौधरी और पूजा जात्यान को चीन की गाओ ज़िहान और वांग शुएचियान ने 0-6 से हराया। भारतीय जोड़ी ने 31, 30 और 29 अंक बनाए, जबकि चीन ने 38, 35 और 39 अंक बनाए। भारतीय जोड़ी को रजत से संतोष करना पड़ा।
हरविंदर जल्द ही भावना के साथ रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में उतरे, लेकिन सेमीफाइनल में चीन के झाओ लिशुए और वांग शुएचियान ने उन्हें 0-6 से हरा दिया। अब उन्हें सुबह बाद में कांस्य पदक मुकाबले में ईरान से भिड़ना था।
तीरंदाज़ी के ये पदक आइची-नागोया में भारत के एक और व्यस्त दिन की शुरुआत में आए, जहां एक घंटे के भीतर पैरा बैडमिंटन टीम ने भारतीयों के बीच हुए फाइनल में स्वर्ण और रजत जीता।