LokVox

राज्यआंध्र प्रदेश

आंध्र में ग्रामीण चुनावों के नामांकन शुरू होते ही वाईएसआरसीपी ने उम्मीदवारों पर हमलों का आरोप लगाया

3 नवंबर को होने वाले मंडल और जिला परिषद चुनावों के नामांकन के पहले दिन विपक्षी पार्टी ने चित्तूर, तिरुपति और पलनाडु में मारपीट, स्कूटर जलाने और पुलिस हिरासत की घटनाएं गिनाईं।

संपादकीय डेस्क से · विजयवाड़ाप्रकाशित

मुख्य बातें

  1. आंध्र प्रदेश में एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के नामांकन बुधवार को शुरू हुए, मतदान 3 नवंबर को है।
  2. वाईएसआरसीपी का आरोप है कि चित्तूर में टीडीपी कार्यकर्ताओं ने पूर्व उपमुख्यमंत्री के. नारायण स्वामी पर हमला किया।
  3. पलनाडु में उम्मीदवारों का साथ देने पहुंचे वाईएसआरसीपी नेता कोम्मिनेनी वेंकटेश्वरलु को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

आंध्र प्रदेश में मंडल और जिला परिषद चुनावों के लिए नामांकन बुधवार को शुरू हुए, और कुछ ही घंटों में विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने कहा कि कम से कम तीन जिलों में उसके नेताओं और उम्मीदवारों पर हमले हुए, उन्हें रोका गया और हिरासत में लिया गया।

मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (एमपीटीसी) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (जेडपीटीसी) के चुनाव 3 नवंबर को होने हैं। ये शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के बाद हो रहे हैं, जिनको लेकर वाईएसआरसीपी इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट गई थी और आरोप लगाया था कि उसके उम्मीदवारों को जबरन नामांकन से रोका गया।

चित्तूर और तिरुपति

पार्टी की सूची में सबसे बड़ा नाम पूर्व उपमुख्यमंत्री के. नारायण स्वामी का था। वाईएसआरसीपी ने कहा कि सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ताओं ने चित्तूर में जिला परिषद अध्यक्ष के दफ्तर के पास उन पर हमला किया, जब वे पेनुमुरु से एक उम्मीदवार का जेडपीटीसी नामांकन कराने पहुंचे थे।

तिरुपति जिले के चंद्रगिरि में पार्टी ने कहा कि पूर्व एमपीटीसी सदस्य मदन रेड्डी और दो समर्थकों, रामू और लोकेश, के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। पार्टी का आरोप है कि हमला टीडीपी विधायक पुलिवर्ती नानी के बेटे पुलिवर्ती विनील की मौजूदगी में हुआ, और उन पर तमिलनाडु से बाहरी लोगों को लाने का आरोप लगाया।

पार्टी के मुताबिक श्रीकालहस्ती में मंडल विकास कार्यालय के पास वाईएसआरसीपी के एक समर्थक का दोपहिया तोड़कर आग के हवाले कर दिया गया और टीडीपी नेताओं ने नामांकन करने आए उम्मीदवारों को धमकाया। रेलवे कोडुरु में उसने जनसेना विधायक अरवा श्रीधर और उनकी पार्टी के नेताओं पर नामांकन रोकने और समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया। जिले में एक और जगह वाईएसआरसीपी के स्थानीय नेताओं ने पुलिस से बहस की और मांग की कि हर उम्मीदवार को नामांकन करने दिया जाए।

पलनाडु में हिरासत

पार्टी ने कहा कि पलनाडु जिले के नरसरावपेट में पुलिस ने पूर्व विधायक ब्रह्मनायडु को नजरबंद कर दिया, ताकि वे उम्मीदवारों के साथ न जा सकें। पिडुगुराल्ला मंडल में पुलिस ने वाईएसआरसीपी की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य और माचेरला विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक कोम्मिनेनी वेंकटेश्वरलु को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वे एमपीटीसी उम्मीदवारों का साथ देने पहुंचे।

वाईएसआरसीपी का आरोप है कि माचेरला मंडल कार्यालय में टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उसके उम्मीदवारों पर हमला किया और उनके नामांकन पत्र छीन लिए। पार्टी ने इसे “एमपीटीसी और जेडपीटीसी नामांकन प्रक्रिया के दौरान वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के सामने लगातार आ रही रुकावट” का हिस्सा बताया।

दिन भर कई नामांकन केंद्रों पर छिटपुट झड़पों की खबरें आईं। बुधवार शाम तक टीडीपी, जनसेना और पुलिस ने इन खास आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया था।

अदालत की पृष्ठभूमि

ग्रामीण नामांकन उसी दिन शुरू हुए, जिस दिन सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) की अवकाश पीठ ने राज्य चुनाव आयोग से शहरी निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची रोककर रखने को कहा और यह तय करने को कहा कि हिंसा के कारण नामांकन से वंचित उम्मीदवारों को मामला-दर-मामला और समय मिले या नहीं। वाईएसआरसीपी ने अदालत को बताया था कि 19 शहरी निकायों में उसके करीब दो-तिहाई उम्मीदवारों को नामांकन से रोका गया। बुधवार की शिकायतें बताती हैं कि यही लड़ाई अब गांवों तक पहुंच रही है।