LokVox

राज्यदिल्ली

दिल्ली की हवा 'खराब', सुबह एक्यूआई 233; गुरुवार तक 'बहुत खराब' होने का अनुमान

बुधवार सुबह 9 बजे सीपीसीबी के आंकड़ों में राजधानी की हवा खराब श्रेणी में रही। पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार गुरुवार सुबह एक्यूआई 342 तक पहुंच सकता है, क्योंकि ठंडी रातें और धीमी हवाएं प्रदूषण को रोक रही हैं।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
नई दिल्ली में सफदरजंग का मकबरा (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
नई दिल्ली में सफदरजंग का मकबरा (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Dey.sandip / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली का एक्यूआई 233 रहा, जो खराब श्रेणी में है।
  2. पूर्व चेतावनी प्रणाली ने गुरुवार सुबह 9 बजे एक्यूआई 342 यानी बहुत खराब का अनुमान लगाया है।
  3. सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18°C रहा, जो मौसम के औसत से कम है।

बुधवार सुबह दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई, और मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हफ्ते के अंत से पहले हालात और बिगड़ेंगे।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सुबह 9 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 233 था, जो 201 से 300 वाली खराब श्रेणी में आता है। दो घंटे पहले, पुणे के भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली 219 दिखा रही थी। मंगलवार शाम 4 बजे सीपीसीबी के दैनिक बुलेटिन में, जो शहर के 59 में से 54 निगरानी केंद्रों के आंकड़ों पर आधारित था, एक्यूआई 179 यानी मध्यम दर्ज हुआ था। मुख्य प्रदूषक बारीक कण (पीएम2.5) थे।

आगे और गिरावट

पूर्व चेतावनी डैशबोर्ड के मुताबिक गुरुवार सुबह 9 बजे एक्यूआई 342 हो सकता है, यानी राजधानी 301 से 400 वाली बहुत खराब श्रेणी में पहुंच जाएगी। मंगलवार को जारी आईएमडी बुलेटिन में 21 से 23 अक्टूबर तक खराब हवा और उसके बाद के छह दिनों में भी खराब हालात का अनुमान है।

यह बदलाव ठंडे और सूखे दिनों के बाद आया है। शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में बुधवार को न्यूनतम तापमान 18°C रहा, जो मौसम के औसत से कम है। पालम में 17.8°C (सामान्य से 1.1 डिग्री कम), आयानगर में 17.7°C और रिज में 19.1°C दर्ज हुआ। दिन का अधिकतम तापमान करीब 31°C रहने का अनुमान था। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 31.8°C था, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है।

ठंडी रातें और हल्की हवाएं प्रदूषकों को जमीन के पास रोके रखती हैं, और बारिश के आसार न होने से उनके धुलने की उम्मीद भी कम है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं, जो आम तौर पर अक्टूबर के आखिर में बढ़ती हैं, बोझ और बढ़ाती हैं।

ग्रैप से क्या बदल सकता है

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) चलाता है। इसके चार चरणों में पाबंदियां क्रमशः सख्त होती जाती हैं: धूल नियंत्रण और डीजल जनरेटर पर रोक से लेकर निर्माण कार्य और वाहनों पर पाबंदियों तक। आयोग सिर्फ दर्ज आंकड़ों पर ही नहीं, अनुमानों के आधार पर भी चरण लागू कर सकता है। यानी बहुत खराब हवा के अनुमान पर शहर के 300 पार करने से पहले ही दूसरे चरण के उपाय लागू हो सकते हैं।

बुधवार दोपहर तक ग्रैप का कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ था। दिवाली 8 नवंबर को है और पराली का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए आने वाला पखवाड़ा आम तौर पर वह समय होता है जब शहर की हवा सबसे तेजी से बिगड़ती है।

सीपीसीबी का शाम 4 बजे का बुलेटिन, जो आधिकारिक दैनिक आंकड़ा है, बुधवार को बाद में जारी होगा।