राज्यपंजाब
मानसा अस्पताल से 'आप' विधायक को प्रदर्शनकारियों ने खदेड़ा, झोटा समिति करेगी मंत्रियों का घेराव
गोलीकांड के घायलों से मिलने वाले विजय सिंगला सत्तारूढ़ पार्टी के पहले नेता हैं। सोमवार को एक्शन कमेटी पूरे पंजाब में 'आप' विधायकों के घरों और दफ्तरों का घेराव करेगी।
मुख्य बातें
- शनिवार को सिविल अस्पताल से निकलते समय निहंगों समेत प्रदर्शनकारियों ने मानसा के विधायक विजय सिंगला को खदेड़ा।
- एक्शन कमेटी 19 अक्टूबर को 'आप' विधायकों और मंत्रियों के घरों और दफ्तरों का घेराव करेगी।
- शोक में मानसा की दशहरा कमेटी ने 20 अक्टूबर का आयोजन रद्द कर दिया है।
नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के चार दिन बाद शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने आम आदमी पार्टी के मानसा विधायक को शहर के सिविल अस्पताल से खदेड़ दिया। उधर आंदोलन चला रही कमेटी सोमवार को पूरे पंजाब में ‘आप’ के मंत्रियों और विधायकों के घरों तक विरोध ले जाने की तैयारी में है।
मानसा के विधायक विजय सिंगला मंगलवार के गोलीकांड में घायल चार में से दो लोगों का हाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर और पुलिस अधिकारी थे। सिंगला ने बताया कि डॉक्टरों के मुताबिक एक घायल की सर्जरी होनी है और दूसरे को सिर्फ प्लास्टर की ज़रूरत है। बाकी दो घायल बठिंडा और लुधियाना के अस्पतालों में भर्ती हैं।
सिंगला इमरजेंसी वार्ड की ओर जाने वाले गेट से अंदर गए। लौटते समय निहंगों समेत प्रदर्शनकारी उनके पीछे दौड़े, विधायक और ‘आप’ सरकार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि दोबारा आए तो गंभीर नतीजे होंगे। अस्पताल के मुख्य गेट पर मंगलवार से धरना चल रहा है; मुख्य प्रदर्शन बरनाला-सिरसा रोड पर डिप्टी कमिश्नर के आवास के पास तिनकोनी पर है।
“हमने उसे कभी तवज्जो नहीं दी”
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सिंगला ने अश्विनी कुमार को संरक्षण दिया। अश्विनी वह केमिस्ट है जिस पर अपनी दुकान में झोटा को उस वक्त गोली मारने का आरोप है, जब वे फेसबुक लाइव कर रहे थे। सिंगला ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा, “वह (अश्विनी) कभी हमारे पास नहीं आया, और हमने उसे कभी तवज्जो नहीं दी। मैं किसी को भी चुनौती देता हूं कि दिखाए, पिछले पांच साल में मेरी उससे कोई मुलाकात या बातचीत हुई हो।”
घायलों से मिलने वाले वे सत्तारूढ़ पार्टी के पहले नेता हैं। ‘आप’ का कोई नेता अब तक झोटा के परिवार से नहीं मिला है, और प्रदर्शनकारियों ने उन्हें धरना स्थलों से दूर रखा है।
सोमवार का घेराव
शुक्रवार को एक्शन कमेटी ने ऐलान किया कि 19 अक्टूबर को ‘आप’ विधायकों और मंत्रियों के घरों और दफ्तरों का घेराव किया जाएगा और बाहर “लाहनत पत्र”, यानी निंदा पत्र, चिपकाए जाएंगे। कमेटी ने झोटा को शहीद कहने के लिए अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज का धन्यवाद किया।
कमेटी झोटा के नाम पर एक स्मारक चाहती है, स्टेडियम या ट्रॉमा सेंटर, जिसकी उसके मुताबिक मानसा ज़िले को लंबे समय से ज़रूरत है। साथ ही चारों घायलों को राज्य सरकार से 10-10 लाख रुपये मुआवज़े की मांग है। पुरानी मांगें भी कायम हैं: मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव का इस्तीफा और सीबीआई जांच। झोटा के पिता भीम सिंह कह चुके हैं कि जब तक ये मांगें नहीं मानी जातीं, परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा।
भीम सिंह ने मानसा के लोगों से दशहरा मनाने की अपील की, लेकिन शहर की दशहरा कमेटी ने 20 अक्टूबर को आयोजन न करने का फैसला किया है।
केंद्र का दबाव
केंद्र सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर हत्या और उसके बाद उठाए गए कदमों पर “विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट” मांगी है, और यह भी पूछा है कि गृह मंत्रालय की नशा-विरोधी कार्ययोजना पर राज्य ने कितना अमल किया।
अश्विनी कुमार सात दिन और उसकी पत्नी नीलम रानी छह दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। प्रदर्शनों के दौरान आगज़नी, तोड़फोड़ और भड़काऊ भाषणों को लेकर पुलिस ने दो मामले भी दर्ज किए हैं। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा कि संदिग्धों की पहचान हो गई है और गिरफ्तारियां होंगी।