राज्यकेरलम
तमिलनाडु के शरणार्थी शिविरों से निकलकर कनाडा जाने की कोशिश, कोच्चि की एनआईए अदालत ने 15 श्रीलंकाई नागरिकों को सज़ा दी
15 लोगों ने विदेशी अधिनियम के तहत अपराध कबूल किया और हर एक को 15 दिन की साधारण कैद और ₹5,000 जुर्माने की सज़ा मिली। उन्हें 2023 में कोल्लम के वाडी बंदरगाह पर नाव में चढ़ने की कोशिश करते पकड़ा गया था।

मुख्य बातें
- कोच्चि की विशेष एनआईए अदालत ने अवैध रूप से कनाडा जाने की कोशिश में 15 श्रीलंकाई नागरिकों को सज़ा सुनाई।
- विदेशी अधिनियम के तहत अपराध कबूल करने पर हर एक को 15 दिन की साधारण कैद और ₹5,000 जुर्माना हुआ।
- वे तमिलनाडु के शरणार्थी शिविरों से निकले थे और 2023 में कोल्लम के वाडी बंदरगाह पर पकड़े गए थे।
कोच्चि में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मामलों की विशेष अदालत ने उन 15 श्रीलंकाई नागरिकों को सज़ा सुनाई है, जिन्होंने केरलम से नाव के जरिए अवैध रूप से कनाडा जाने की कोशिश की थी।
न्यायाधीश हफीज़ मोहम्मद ने हर एक को 15 दिन की साधारण कैद और ₹5,000 जुर्माने की सज़ा दी। जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद होगी। सभी 15 ने विदेशी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध कबूल किया था। उनकी ओर से वकील पेश हुए और कार्यवाही का उनके लिए मलयालम में अनुवाद किया गया।
सज़ा तय करते समय अदालत ने अपराधों की प्रकृति और आरोपियों के हिरासत में पहले ही बिताए समय को ध्यान में रखा।
शिविरों से कोल्लम तक
अभियोजन पक्ष के मुताबिक सभी 15 तमिलनाडु में श्रीलंकाई लोगों के पुनर्वास और शरणार्थी शिविरों में रह रहे थे, जिनमें चेन्नई का पुझल, तिरुचिरापल्ली, डिंडीगुल, मदुरै और तिरुनेलवेली शामिल हैं। वे बिना अनुमति शिविरों से निकले और अपने तय इलाकों से बाहर गए, ताकि अवैध रूप से कनाडा पहुंच सकें।
2023 में पुलिस ने उन्हें कोल्लम के वाडी बंदरगाह पर एक जहाज़ में चढ़ने की कोशिश करते हुए पकड़ा। बाद में एनआईए की कोच्चि इकाई ने जांच अपने हाथ में ली और मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की।
अदालत ने निर्देश दिया कि फैसले की एक प्रति आगे की कार्रवाई के लिए तिरुवनंतपुरम में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) को भेजी जाए।