राज्यतमिलनाडु
मुख्यमंत्री विजय के एआई वीडियो से लोगों को ठगने के आरोपी को मद्रास हाईकोर्ट से ज़मानत
राजस्थान के श्याबू खान पर आरोप है कि उसने फेसबुक पर मुख्यमंत्री के फर्जी वीडियो डाले और मदद मांगने वालों से पंजीकरण शुल्क वसूला।

मुख्य बातें
- जस्टिस एन रमेश ने शुक्रवार को श्याबू खान को सशर्त ज़मानत दी।
- अभियोजन के मुताबिक उसने मुख्यमंत्री के नाम पर ₹16,000 वसूले।
- उसे अगले आदेश तक हर दिन पुलिस के सामने हाज़िर होना होगा।
मद्रास हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) ने शुक्रवार को राजस्थान के उस व्यक्ति को ज़मानत दे दी, जिस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के फर्जी वीडियो के ज़रिए फेसबुक पर लोगों को ठगने का आरोप है।
जस्टिस एन रमेश ने श्याबू खान को सशर्त ज़मानत दी, जो 12 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में है। उसे अगले आदेश तक हर दिन अपने इलाके की पुलिस के सामने हाज़िर होना होगा और दो ज़मानतदार देने होंगे, एक रिश्तेदार और एक स्थानीय निवासी।
अभियोजन के मुताबिक खान ने मुख्यमंत्री के एआई वीडियो बनाए और उन्हें “ऑल इंडिया हेल्प विजय थलापति” और “ऑल इंडिया हेल्प” नाम की दो फेसबुक प्रोफाइल पर डाला, जिनमें लोगों से मदद के लिए संपर्क करने को कहा गया था। आरोप है कि फिर उसने संपर्क करने वालों से पंजीकरण शुल्क वसूला। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि उसने मुख्यमंत्री के नाम पर ₹16,000 जमा किए।
उस पर भारतीय न्याय संहिता की पांच धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत आरोप हैं।
खान के वकीलों की दलील थी कि वीडियो उसके एक दोस्त ने उसके फोन नंबर और फेसबुक खाते से बनाए थे और वही उसका बैंक खाता भी चलाता था, और खान को न इनकी जानकारी थी, न किसी को ठगने का इरादा। एक निचली अदालत ने 14 अक्टूबर को ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी, क्योंकि तब जांच जारी थी।
हाईकोर्ट में खान ने कहा कि वह 45 दिन से ज़्यादा हिरासत में रह चुका है और जांच पूरी हो चुकी है। न्यायाधीश ने गौर किया कि जांच पूरी हो चुकी है, आरोपपत्र तैयार है और कथित रूप से इस्तेमाल हुआ मोबाइल फोन ज़ब्त हो चुका है, और ज़मानत मंज़ूर कर दी।