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राज्यतमिलनाडु

नीलगिरि में परलियार के पास भूस्खलन में दबी सरकारी बस, यात्रियों के उतरने के बाद ड्राइवर की मौत

टायर पंक्चर होने की वजह से करीब 50 यात्री कुछ ही मिनट पहले बस से उतर गए थे। कोयंबटूर-ऊटी सड़क पर मलबे में दबकर ड्राइवर जनगराज की मौत हो गई, जबकि कंडक्टर केशवन को घायल हालत में निकाला गया।

संपादकीय डेस्क से · नीलगिरिप्रकाशित
तमिलनाडु के नीलगिरि में बर्लियार से गुजरती पहाड़ी सड़क (फ़ाइल फ़ोटो)
तमिलनाडु के नीलगिरि में बर्लियार से गुजरती पहाड़ी सड़क (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Feel free to use my photos, but please mention me as the author. I would m / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. कोयंबटूर-ऊटी सड़क पर परलियार के पास भूस्खलन से एक सरकारी बस पर पेड़, पत्थर और मिट्टी गिर पड़ी।
  2. टायर पंक्चर होने के बाद करीब 50 यात्री पहले ही उतर चुके थे, ढलान धंसने से कुछ मिनट पहले।
  3. ड्राइवर जनगराज की मौत हो गई; कंडक्टर केशवन को घायल हालत में बचाकर अस्पताल ले जाया गया।

तमिलनाडु के नीलगिरि में शनिवार को परलियार के पास भूस्खलन में एक सरकारी बस दब गई, जिससे उसके ड्राइवर की मौत हो गई। बस में सवार करीब 50 यात्री कुछ ही मिनट पहले उतर गए थे, क्योंकि टायर पंक्चर होने से बस रुक गई थी।

बस कोयंबटूर और ऊटी के बीच पहाड़ी सड़क पर थी, जब टायर पंक्चर हुआ। यात्री सड़क किनारे इंतज़ार कर रहे थे, तभी ऊपर की ढलान धंस गई और पेड़, पत्थर और मिट्टी सड़क पर आ गिरी, जिसमें बस फंस गई।

बस में सिर्फ ड्राइवर जनगराज और कंडक्टर केशवन थे। केशवन ने बताया, “बस में सिर्फ ड्राइवर और मैं थे। सड़क पर एक के बाद एक पेड़ गिरने लगे।” उन्होंने कहा, “हम बस को सुरक्षित रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी भूस्खलन की चपेट में आ गए।”

अग्निशमन और बचाव सेवा के कर्मियों ने केशवन को घायल हालत में बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। मौके से शुरुआती खबर आई थी कि ड्राइवर को भी बचा लिया गया है, लेकिन यह गलत निकली। मलबा हटाने के लंबे अभियान के बाद जनगराज का शव निकाला गया।

शनिवार दोपहर तक बस मिट्टी और गिरे पेड़ों के नीचे दबी हुई थी। कोयंबटूर-ऊटी सड़क को फिर से खोलने के लिए कर्मचारी पत्थर, पेड़ और मिट्टी हटाने में जुटे थे।

कंडक्टर के मुताबिक ढलान धंसने के समय कोई यात्री बस में नहीं था।