राज्यपश्चिम बंगाल
कोलकाता में आंदोलन कर रहे एसआरएफटीआई छात्रों के समर्थन में नसीरुद्दीन शाह और पायल कपाड़िया
सत्यजित राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के छात्र परिसर में कथित हमलों को लेकर कुलपति का इस्तीफा मांग रहे हैं। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने शाह की टिप्पणी की जांच की मांग की।

मुख्य बातें
- एसआरएफटीआई के छात्र कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर हैं।
- पायल कपाड़िया ने कहा कि संस्थान की घटनाओं से वे "बेहद स्तब्ध" हैं।
- 28 सितंबर से कक्षाएं बंद हैं और संस्थान ने छात्रों से परिसर खाली करने को कहा है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और फिल्मकार पायल कपाड़िया कोलकाता के सत्यजित राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) के उन छात्रों के समर्थन में आए हैं, जो आरएसएस से जुड़े संगठनों द्वारा परिसर में कथित हमलों के खिलाफ हफ्तों से आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि 27 सितंबर को आरएसएस से जुड़े उपभोक्ता संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सदस्यों ने और फिर 4 अक्टूबर को संस्थान के गेट के पास बंगीय हिंदू जागरण मंच की रैली के दौरान उन पर हमला हुआ। वे अनिश्चितकालीन धरने पर हैं और कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा चाहते हैं।
28 सितंबर से कक्षाएं बंद हैं। 16 अक्टूबर को संस्थान ने फिल्म निर्माण और वीडियो की कक्षाएं 13 नवंबर तक रद्द कर दीं और छात्रों से परिसर छोड़ने को कहा।
सोशल मीडिया पर डाले एक वीडियो में शाह ने पश्चिम बंगाल में अब सत्तारूढ़ भाजपा पर अपने विचारों से असहमत लोगों से बदला लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी “भविष्य के फिल्मकारों का या तो ब्रेनवॉश करना चाहती है या उन्हें डराना चाहती है”, और जोड़ा, “मैं आपसे वादा करता हूं कि ऐसा नहीं होने वाला।”
2024 में कान फिल्म महोत्सव में ग्रां प्री जीतने वाली फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ की निर्देशक कपाड़िया ने कहा कि वे “बेहद स्तब्ध” हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में चूक पर सवाल उठाने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई और उन्हें निष्कासन की धमकी दी गई, जबकि छात्राओं समेत छात्रों पर हमले के आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं किया गया। उन्होंने हालात को “बेहद चिंताजनक” बताया।
भाजपा सांसद और प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने शाह की टिप्पणी की पूरी जांच की मांग की और कहा कि इसके पीछे विदेशी ताकतों और विपक्षी दलों की बड़ी साजिश हो सकती है।
छात्र संघ के प्रवक्ता सुदीप चक्रवर्ती ने कहा कि छात्र प्रशासन से जवाबदेही चाहते हैं और यह भरोसा चाहते हैं कि संस्थान फिल्म शिक्षा के लिए सुरक्षित और स्वतंत्र जगह बना रहेगा।