राज्यतेलंगाना
ड्यूटी पर जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को ज्यादा मुआवजा, रेवंत रेड्डी बोले 2027 तक भरेंगे सारे पद
हैदराबाद में पुलिस स्मृति दिवस परेड में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के परिवारों को ₹1.25 करोड़ मिलेंगे, और 5,000 पुलिस पदों की अधिसूचना जारी हो चुकी है।

मुख्य बातें
- ड्यूटी पर शहीद सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के परिवारों की अनुग्रह राशि बढ़कर ₹1.25 करोड़ हुई।
- 5,000 पुलिस पदों की अधिसूचना जारी, 2027 तक सभी पद भरे जाएंगे।
- मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, "पुलिस सख्ती से काम करे, तभी अपराध पर काबू हो सकता है"।
तेलंगाना में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को अब कहीं ज्यादा मुआवजा मिलेगा। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को यह घोषणा की और 2027 तक पुलिस बल के सभी खाली पद भरने का वादा भी किया।
हैदराबाद में पुलिस स्मृति दिवस परेड में बोलते हुए रेड्डी ने अनुग्रह राशि का नया ढांचा बताया। सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के परिवारों को ₹1.25 करोड़ मिलेंगे; अब तक सब-इंस्पेक्टर के परिवारों को ₹45 लाख और इंस्पेक्टर के परिवारों को ₹50 लाख मिलते थे। हेड कांस्टेबल और सहायक सब-इंस्पेक्टर के लिए यह राशि ₹45 लाख से बढ़कर ₹1 करोड़ हो गई है। पुलिस अधीक्षक और आईपीएस अधिकारियों के लिए ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹2 करोड़, और होमगार्ड के लिए ₹5 लाख से बढ़कर ₹10 लाख।
भर्ती अभियान
रेड्डी ने कहा कि 5,000 पुलिस पदों को भरने की अधिसूचना जारी हो चुकी है और डीएसपी के 112 पदों पर भर्ती हो रही है, जिसे उन्होंने राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी खाली पद 2027 तक भर दिए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों से अपराधियों के साथ सख्ती और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता बरतने को कहा। उन्होंने कहा, “पुलिस सख्ती से काम करे, तभी अपराध पर काबू हो सकता है।”
मुख्यमंत्री ने ईगल (एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट) का भी जिक्र किया, जिसे राज्य ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए बनाया है, और कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस इकाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नशे और साइबर अपराध के खिलाफ ठोस कदम उठा रही है।
शहीदों को याद किया
रेड्डी ने तीन शहीदों, देव सिंह, प्रमोद कुमार और गजुला सौम्या के नाम लिए। पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधरी है, और इसका श्रेय नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस के बलिदान को दिया। उन्होंने याद किया कि 1997 में अविभाजित आंध्र प्रदेश की स्मृति परेड में 120 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के नाम लिए गए थे, जो माओवादी बारूदी सुरंग धमाकों, थानों पर हमलों और निशाना बनाकर किए गए हमलों में मारे गए थे।
आनंद ने मुख्यमंत्री से पुलिस बल के लिए दूसरे कल्याण उपायों में तेजी लाने का भी अनुरोध किया।
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन दस पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जो 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में मारे गए थे। बुधवार को राज्यों ने अपनी परेड आयोजित कीं, जबकि अमित शाह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया।