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एमएलसी चुनाव में योगी ने खुद संभाला मोर्चा, शिक्षक बोले पुरानी पेंशन तय करेगी नतीजा
वाराणसी में शिक्षकों और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री गुरुवार को प्रयागराज में प्रचार कर रहे हैं। वाराणसी खंड की सीट पर 24 अक्टूबर को मतदान है।

मुख्य बातें
- आठ ज़िलों में फैली वाराणसी खंड की विधान परिषद सीट के लिए 24 अक्टूबर को वोट पड़ेंगे।
- योगी ने मतदाताओं को याद दिलाया कि पिछले चुनाव में छोटी गलतियों से करीब 5,000 वोट खराब हुए थे।
- शिक्षकों का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना ही उनके वोट का फैसला करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा के प्रचार की कमान खुद संभाल ली है। वहीं शिक्षकों का कहना है कि उनका वोट एक ही मांग तय करेगी: पुरानी पेंशन योजना की बहाली।
बुधवार को वाराणसी में योगी ने उन आठ ज़िलों के शिक्षकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया, जो वाराणसी खंड की सीट में आते हैं। सम्मेलन में करीब 10,000 लोग पहुंचे। मतदान 24 अक्टूबर को है और मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दिन छुट्टी रहेगी।
उन्होंने मतदाताओं से सावधानी से वोट डालने को कहा और याद दिलाया कि पिछले चुनाव में छोटी-सी चूक के कारण करीब 5,000 वोट खराब हो गए थे।
भाजपा के वाराणसी महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा, “पिछली बार ओवर कॉन्फिडेंस के कारण कई सीट खराब हुई थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा।”
कुल मिलाकर प्रदेश के अलग-अलग खंडों की 11 परिषद सीटें भरी जानी हैं, क्योंकि इनके सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। भाजपा और समाजवादी पार्टी, दोनों का दावा है कि सभी सीटों पर उनकी स्थिति मज़बूत है।
शिक्षक क्या चाहते हैं
वाराणसी के शिक्षकों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली उनकी मुख्य मांग है और पेंशन ही बुढ़ापे में उनका सहारा है। कुछ ने कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए सरकार की तारीफ की और कहा कि वे वोट देने से पहले सरकार की योजनाओं को भी तौलेंगे, साथ ही पुरानी पेंशन लौटाने की मांग भी की।
अगला पड़ाव प्रयागराज
गुरुवार को योगी का प्रचार प्रयागराज पहुंचना था। उनके कार्यक्रम में शिक्षक सीट के भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में गवर्नमेंट प्रेस ग्राउंड पर जनसभा शामिल थी, और साथ ही अतीक अहमद के कब्ज़े से मुक्त कराई गई ज़मीन पर पद्म लोक आवास परियोजना का भूमि पूजन भी।