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हूती हमलों के बीच मिस्र के राष्ट्रपति सीसी ने सऊदी अरब की रक्षा के लिए संसद से मंजूरी मांगी

राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने कहा कि सऊदी अरब को नुकसान पहुंचे तो काहिरा चुप नहीं बैठ सकता। मिस्र की संसद रविवार को आपात सत्र में बैठेगी, जबकि हूती ड्रोन हमले जारी हैं।

संपादकीय डेस्क से · काहिराप्रकाशित
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Simon Walker / Number 10 / Wikimedia Commons; وكالة الأنباء السعودية / Wikimedia Commons, CC BY 2.0, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. सीसी ने संसद का आपात सत्र बुलाने को कहा, ताकि रियाद के अनुरोध पर मदद को पहले से मंजूरी मिल सके।
  2. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद, पूर्वी प्रांत और दक्षिण में चार ड्रोन मार गिराने का दावा किया।
  3. भारतीय एयरलाइनों ने सऊदी उड़ानें रोकी हैं, इंडिगो की उड़ानें 24 अक्टूबर तक बंद रहेंगी।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने शनिवार को अपनी संसद से सऊदी अरब को मदद भेजने का अधिकार मांगा। उन्होंने कहा कि जब सऊदी अरब पर हूती हमले हो रहे हों, तब मिस्र किनारे खड़ा नहीं रह सकता।

मिस्र की सैन्य अकादमी के दीक्षांत समारोह में सीसी ने कहा कि शाह सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के मार्गदर्शन के मुताबिक मिस्र हर जरूरी सुरक्षा कदम उठाएगा। किसी भी तैनाती के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है, और उन्होंने सांसदों से यह मंजूरी पहले ही देने को कहा।

उन्होंने कहा, “यह सोचा भी नहीं जा सकता कि हम सऊदी अरब, उसकी सुरक्षा या स्थिरता को नुकसान पहुंचने दें।” उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूं कि आपात सत्र बुलाया जाए, ताकि अगर हमसे कहा जाए तो वह हमें यह अधिकार दे सके।”

बाद में संसद ने रविवार को आपात पूर्ण सत्र बुलाने की घोषणा की, पर एजेंडा नहीं बताया।

सिर्फ रक्षा के लिए

सीसी ने साफ कहा कि मिस्र लड़ाई नहीं चाहता। उन्होंने कहा, “मैं किसी से लड़ने या किसी पर हमला करने की बात नहीं कर रहा। हम सिर्फ रक्षा की बात कर रहे हैं।” मिस्र 2015 से यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है। सितंबर में मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने सऊदी और खाड़ी की सुरक्षा को “मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा” बताया था।

इसी मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि वे 2030 के बाद पद पर बने रहने की कोशिश नहीं करेंगे और इसे “पूरी तरह तय” मामला बताया।

रियाद के समर्थन में खड़ी होने वाली राजधानियों में काहिरा नया नाम है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने अगस्त में एक रक्षा समझौता, मक्का अलायंस फॉर डिफेंस, किया था, और इस महीने प्रतिरोधक कदम सक्रिय करने और सऊदी अरब में सेनाएं तैनात करने पर सहमति दी। अमेरिका खुफिया जानकारी, निशाने तय करने में मदद और हवा में ईंधन भरने की सुविधा दे रहा है, लेकिन लड़ाई में शामिल नहीं हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि सऊदी अरब को इजरायल की मदद की पेशकश स्वीकार कर लेनी चाहिए, और जोड़ा, “इजरायल सऊदी अरब के लिए बहुत मददगार रहा है।”

रियाद के ऊपर ड्रोन

सीसी के भाषण के दौरान भी हमले नहीं रुके। रात भर और शनिवार को पूरे सऊदी अरब में हवाई हमले के सायरन बजते रहे। शनिवार देर रात गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने कहा, “पिछले कुछ घंटों में हमने चार ड्रोन रोककर नष्ट कर दिए।” ये ड्रोन रियाद, पूर्वी प्रांत और दक्षिणी इलाके के ऊपर गिराए गए। शुक्रवार को गठबंधन ने लाल सागर के बंदरगाह यानबू की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो क्रूज मिसाइलें गिराने का दावा किया था।

जुलाई में लड़ाई भड़कने के बाद से रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम से कम 20 हमले हो चुके हैं। इस महीने के हमलों में एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए। यमन में शुक्रवार को दो हूती मिसाइलें अदन हवाई अड्डे के परिसर में गिरीं। एक हफ्ते में यह दूसरा ऐसा हमला था, हालांकि कोई मारा नहीं गया। ब्रिटेन की नौसेना ने जुबैल के पास दो टैंकरों पर हमले की सूचना दी, दोनों के चालक दल सुरक्षित रहे। ब्रेंट कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

सऊदी अरब ईरान पर हूतियों को उकसाने का आरोप लगाता है। तेहरान इससे इनकार करता है, और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान “व्यापक राजनीतिक प्रक्रिया” का समर्थन करता है।

सऊदी में भारतीय

सऊदी अरब में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय के लिए यात्रा अब भी मुश्किल है। रियाद हवाई अड्डा बंद है, हालांकि दम्माम, जेद्दा और मदीना चालू हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी के सभी रूट 20 अक्टूबर तक और इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक बंद रखे हैं। अकासा एयर ने रियाद की उड़ानें 24 अक्टूबर तक और जेद्दा की उड़ानें 21 अक्टूबर तक रोकी हैं।

भारतीय दूतावास ने बताया है कि 10 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में घायल दो भारतीय अब भी आईसीयू में हैं। दूतावास ने भारतीय नागरिकों से “हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर रहने” को कहा है और सुझाव दिया है कि जिन्हें तुरंत निकलना है, वे बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते जाने पर विचार करें।