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अदन में यमन के राष्ट्रपति महल पर हूती मिसाइलें गिरीं, सऊदी ने ईरान पर उंगली उठाई

यमन सरकार के मुख्यालय पर हुए मिसाइल हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए। सऊदी अरब ने कहा कि हूतियों की इस बढ़त के पीछे ईरान की शह है, और पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में हमलों की निंदा की।

संपादकीय डेस्क से · अदनप्रकाशित
यमन के अदन का समुद्री किनारा
यमन के अदन का समुद्री किनाराT3n60 / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. यमन के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अल-माशिक महल के पास पांच लोग मारे गए और 16 घायल हुए।
  2. जुलाई में गृहयुद्ध दोबारा भड़कने के बाद महल परिसर पर यह पहला हमला है।
  3. सऊदी अधिकारी रायेद क्रिमली ने कहा कि इस बढ़त को ईरान की शह है।

गुरुवार को हूती मिसाइलें अदन में अल-माशिक राष्ट्रपति महल पर गिरीं, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का मुख्यालय है। यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम मोहम्मद बुहैबेह के मुताबिक हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए और 16 घायल हुए।

सूचना मंत्री मुअम्मर अल-इरयानी ने बताया कि परिसर पर पांच मिसाइलें दागी गईं। मरने वालों में दो अंगरक्षक थे, जो प्रधानमंत्री शाया अल-ज़िंदानी की सुरक्षा टीम में तैनात थे। सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री सुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों ने तेज़ धमाकों की आवाज़ सुनी और महल के ऊपर घना धुआं उठता देखा।

जुलाई में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाला संघर्षविराम टूटने और गृहयुद्ध दोबारा भड़कने के बाद महल परिसर पर यह पहला हमला है। इसी महीने 7 अक्टूबर को हूतियों ने अदन हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जिसके बाद उड़ानों को दूसरी जगह मोड़ना पड़ा था।

किसने क्या कहा

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने “अदन में सऊदी दुश्मन के युद्ध संचालन मुख्यालय पर बमबारी” का दावा किया। उन्होंने कहा कि परिसर के भीतर हथियार डिपो को निशाना बनाया गया और यह “जहां भी सऊदी कुमुक मौजूद है” उसे निशाना बनाने की मुहिम का हिस्सा है।

यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने इस हमले को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर हूती हमलों का “विस्तार” बताया और सुरक्षा बलों को “राज्य की संस्थाओं की रक्षा के लिए ज़रूरी कदम” उठाने का निर्देश दिया। युवा मंत्री नायेफ़ सालेह अल-बकरी ने कहा कि मंत्री शहर छोड़कर नहीं जाएंगे।

सरकार के मुताबिक हूतियों ने तेल-समृद्ध शहर मारिब पर भी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ताइज़ के आसपास, जहां हूतियों ने घेराबंदी कर रखी है, सरकारी बलों ने कहा कि बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक चली झड़पों के बाद उन्होंने हूती लड़ाकों को शहर के पश्चिम में माउंट हान से खदेड़ दिया।

रियाद का निशाना तेहरान

उसी दिन सऊदी अरब ने ईरान पर इस बढ़त को हवा देने का आरोप लगाया। सऊदी विदेश मंत्रालय में सार्वजनिक कूटनीति के उप मंत्री रायेद क्रिमली ने एक वर्चुअल ब्रीफ़िंग में पत्रकारों से कहा, “ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हुए हूती मिलिशिया को हथियार, प्रशिक्षण और समर्थन देता आ रहा है।”

उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि संघर्ष के इस ताज़ा चरण में हूतियों की बढ़त को ईरान की शह है।” उन्होंने बताया कि रियाद का तेहरान से अब भी सीधा संपर्क है, लेकिन “अभी ऐसा नहीं लगता कि ईरानी समाधान के लिए ज़रूरी रियायतें दे पाने की स्थिति में हैं।” उनके मुताबिक इस बढ़त की शुरुआत में सऊदी अरब ने हूतियों से मस्कट में मिलने का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि अक्टूबर में हूतियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20 हमले किए, जिनमें 17 लोग मारे गए और 333 घायल हुए। उन्होंने कहा कि हूतियों को “क्षेत्रीय ताकतों” की मदद से बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और विस्फोटकों से लदी नावें मिलीं, हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया। उनके मुताबिक गठबंधन के हमलों में यमन में 127 हथियार भंडार और लॉन्च ठिकाने नष्ट किए गए।

सुरक्षा परिषद में

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत उस्मान जदून ने सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ढांचे पर हूती हमलों की निंदा की। उन्होंने सुरक्षा परिषद में कहा, “ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए। हम भाई समान सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराते हैं।” फ़्रांस के राजदूत जेरोम बोनाफ़ों ने हूतियों को ईरान के समर्थन को अस्थिर करने वाला बताया। परिषद इस बढ़त पर एक अध्यक्षीय बयान पर विचार कर रही थी।

उधर हूतियों ने एयरलाइनों को फिर चेताया कि सऊदी हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे सुरक्षित नहीं हैं, हालांकि मक्का और मदीना के ऊपर के आसमान को इससे बाहर रखा।