दुनियापश्चिम एशिया
हूती विद्रोहियों ने रियाद, ताइफ और यानबू पर मिसाइलें दागीं, मक्का और जेद्दा में भी बजे खतरे के अलर्ट
शनिवार तड़के सऊदी राजधानी के ऊपर दो जोरदार धमाके सुने गए। दोपहर तक चार पश्चिमी प्रांतों में खतरे की चेतावनी जारी हुई और गठबंधन ने दो और मिसाइलें नष्ट करने का दावा किया।

मुख्य बातें
- गठबंधन ने कहा कि शनिवार सुबह 4 बजे के कुछ देर बाद रियाद की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल नष्ट कर दी गई।
- नागरिक सुरक्षा विभाग ने मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू में 'संभावित खतरे' के अलर्ट भेजे, जो कुछ मिनट बाद वापस ले लिए गए।
- गठबंधन के मुताबिक ताइफ और यानबू को निशाना बनाकर दागी गई दो और हूती मिसाइलें नष्ट की गईं।
यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब के तीन शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे राजधानी रियाद से लेकर लाल सागर के तट तक हवाई हमले के अलर्ट बजे और दोपहर के आसपास कुछ मिनटों के लिए पवित्र शहर मक्का में भी चेतावनी जारी हुई।
पहली चेतावनी सुबह 4 बजे के कुछ देर बाद आई, जब सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने रियाद, नजरान और वादी अल-दवासिर के लिए अपनी पूर्व चेतावनी प्रणाली चालू की। कुछ ही मिनट बाद राजधानी में दो जोरदार धमाके सुने गए। हूतियों से लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने एक्स पर लिखा कि “वायु रक्षा प्रणाली ने आतंकवादी हूती मिलिशिया की ओर से रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया।” इससे पहले की एक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि “पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया।”
पवित्र शहरों में अलर्ट
देर सुबह नागरिक सुरक्षा विभाग ने चार पश्चिमी प्रांतों, मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू, में “संभावित खतरे” के अलर्ट भेजे। इसकी कोई वजह नहीं बताई गई। लोगों से “सबसे नजदीकी सुरक्षित जगह पर जाने” को कहा गया और विभाग ने मिसाइलों और ड्रोन को रोके जाने से जुड़ी तस्वीरें या जानकारी साझा न करने की कानूनी चेतावनी दोहराई। कुछ ही मिनटों में अलर्ट वापस ले लिए गए।
इसके कुछ देर बाद गठबंधन ने कहा कि ताइफ और यानबू की ओर दागी गई दो हूती बैलिस्टिक मिसाइलें नष्ट कर दी गई हैं। करीब दस मिनट बाद चारों प्रांतों में खतरा टलने की घोषणा हुई। शनिवार के किसी भी हमले में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
ये हमले उस दिन के बाद हुए जब गठबंधन ने रियाद और खमीस मुशैत की ओर दागी गई दो मिसाइलें और दक्षिणी इलाके की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन मार गिराने की बात कही थी। गठबंधन ने हूतियों के इस दावे को भी “बेबुनियाद झूठे आरोप” बताकर खारिज किया कि सऊदी बलों ने कबायली जमावड़ों को निशाना बनाया।
उत्तर की ओर बढ़ती लड़ाई
जुलाई में यमन का चार साल पुराना संघर्षविराम टूटने के बाद से सऊदी अरब पर बार-बार हमले हुए हैं। अब तक का सबसे घातक हमला 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ था, जिसमें 13 लोग मारे गए। मरने वालों में हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली भी थे और घायलों में 11 भारतीय शामिल थे।
तब से रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों से कहा है कि अलर्ट के दौरान घर के भीतर रहें, खिड़कियों से दूर रहें और गाड़ी चला रहे हों तो पुलों और ऊंची इमारतों से दूर रुकें। सलाह के मुताबिक रियाद, मक्का, मदीना और पूर्वी प्रांत में आपात नंबर 911 है और बाकी जगह 998।
ये हमले ईरान के साथ बड़े टकराव की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं, जो हूतियों का समर्थन करता है। शनिवार को ईरान के सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों को “किसी भी हालत में” खाड़ी में घुसने नहीं दिया जाएगा। शुक्रवार को इस्तांबुल में मिले सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने हूतियों के “अस्वीकार्य उकसावे” की निंदा की और उनसे राजनीतिक प्रक्रिया में लौटने की अपील की।
मूल दस्तावेज़
- Indian Embassy in Riyadh advises nationals to take due precautions under prevailing situationNews On AIR, 18 अक्टूबर 2026