दुनियापश्चिम एशिया
ईरान ने ब्रिटिश राजदूत को तलब किया, आरएएफ फेयरफोर्ड साज़िश के आरोप को 'फॉल्स फ्लैग' बताया
तेहरान ने ब्रिटेन पर विनाशकारी भूमिका का आरोप लगाया और सबूत मांगे। उधर जर्मनी की एक अदालत ने ईरानी खुफिया एजेंसी के लिए हमलों की साज़िश रचने वाले दो लोगों को जेल भेजा।

मुख्य बातें
- ईरान ने ब्रिटिश राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को तलब कर लंदन के आरोप के सबूत मांगे।
- तेहरान ने इस दावे को "भद्दा फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन" कहा।
- हैम्बर्ग की अदालत ने ईरान के इशारे पर रची साज़िश में दो लोगों को साढ़े आठ साल तक की सज़ा दी।
ईरान ने तेहरान में ब्रिटेन के राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को तलब किया है और लंदन से उसके इस दावे के सबूत मांगे हैं कि आरएएफ फेयरफोर्ड के पास की एक संदिग्ध साज़िश के पीछे शायद ईरान था। फेयरफोर्ड इंग्लैंड का वह हवाई ठिकाना है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी बमवर्षक करते हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश आरोप को “भद्दा फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने ब्रिटेन पर क्षेत्र में “विनाशकारी भूमिका” निभाने का आरोप लगाया।
ब्रिटेन ने इससे पहले लंदन में ईरान के राजदूत को तलब किया था और इस साज़िश को लेकर दो ईरानियों पर प्रतिबंध लगाए थे। इस विवाद में ब्रिटेन के सहयोगी भी शामिल हो गए हैं। पेंटागन ने साज़िश से जुड़ी खुफिया जानकारी के लिए लंदन का शुक्रिया अदा किया है, और अमेरिका ने उसके बाद फेयरफोर्ड से अपने बमवर्षक हटा लिए हैं। स्पेन उन देशों में था जिन्होंने इस मामले पर संयुक्त बयान पर दस्तखत किए।
ब्रिटेन की सुरक्षा सेवा ईरान की व्यापक गतिविधियों को लेकर चेता चुकी है। इस हफ्ते अपने सालाना खतरा आकलन में एमआई5 के महानिदेशक सर केन मैक्कलम ने कहा कि ईरान और रूस “अपना हाइब्रिड अभियान फैलाने की कोशिश कर रहे हैं”, और पिछले एक साल में 50 से ज़्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं।
गुरुवार को हैम्बर्ग की एक अदालत ने ईरानी खुफिया एजेंसी की ओर से इज़राइल समर्थक हस्तियों पर हमले की साज़िश रचने के लिए दो लोगों को सज़ा सुनाई। डेनमार्क के नागरिक अली एस. को साढ़े आठ साल और अफगान नागरिक तवाब एम. को साढ़े चार साल की जेल हुई।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब वॉशिंगटन ने ईरान की आर्थिक मदद से जुड़े 16 लोगों और 10 संस्थाओं पर नए प्रतिबंधों का ऐलान किया है।