दुनियाखाड़ी
अबू धाबी में जयशंकर की यूएई के अब्दुल्ला बिन ज़ायद से मुलाक़ात, खाड़ी में साझा रक्षा की मांग
विदेश मंत्री शुक्रवार तक यूएई में हैं, जहां बातचीत के साथ वे दूसरे रायसीना मिडिल ईस्ट फ़ोरम में शामिल हो रहे हैं। सऊदी अरब पर हूती हमलों का साया पूरे क्षेत्र पर है।

मुख्य बातें
- एस जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन ज़ायद से मुलाक़ात को "गर्मजोशी भरी और सार्थक" बताया।
- उन्होंने रायसीना मिडिल ईस्ट फ़ोरम में कहा कि बहुपक्षवाद में सुधार की तुरंत ज़रूरत है।
- यह दौरा रियाद हवाई अड्डे पर हूती हमले के कुछ दिन बाद हो रहा है, जिसमें एक भारतीय समेत 13 लोग मारे गए।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अबू धाबी में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान से बातचीत की। उनका यह दौरा शुक्रवार तक चलेगा और इसमें दूसरा रायसीना मिडिल ईस्ट फ़ोरम भी शामिल है।
जयशंकर ने मुलाक़ात को “गर्मजोशी भरी और सार्थक” बताया और कहा कि दोनों ने दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। पहुंचने पर यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया। बुधवार को उन्होंने दौरे के दौरान जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिश्विली से भी मुलाक़ात की।
फ़ोरम के “द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पस एंड पॉसिबिलिटी” सत्र में अब्दुल्ला बिन ज़ायद के साथ मंच साझा करते हुए जयशंकर ने कहा कि “विश्व व्यवस्था में बदलाव की बढ़ती रफ़्तार को पहचानना ज़रूरी है”। उन्होंने कहा कि देश झटकों का जवाब अपने-अपने ढंग से देते हुए नई साझेदारियां तलाश रहे हैं, और बहुपक्षवाद में सुधार अब ज़रूरी हो गया है, जिसमें छोटे समूह मदद कर सकते हैं। बदलती दुनिया के साथ ढले रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा, “पिछले दशक की भारत-यूएई साझेदारी इसका बेहतरीन उदाहरण है।”
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब खाड़ी सऊदी अरब पर हूती हमलों की एक के बाद एक घटनाओं से हिली हुई है। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में 13 लोग मारे गए, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी था। विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ घायल 11 भारतीयों में से आठ अब भी इलाज में हैं और चार आईसीयू में हैं। मंत्रालय ने इन हमलों को “पूरी तरह अस्वीकार्य” कहा है।
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने सुरक्षा और रक्षा पर खाड़ी देशों की साझा कार्रवाई फिर शुरू करने की अपील की है। उन्होंने लिखा, “हमारी सुरक्षा अविभाज्य है।”