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ब्राज़ील की आखिरी बहस में लूला और फ़्लावियो बोल्सोनारो के बीच 'नौ उंगलियों' पर तकरार

रविवार के निर्णायक चुनाव से दो दिन पहले टीवी ग्लोबो की ढाई घंटे की बहस में दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे पर निजी हमले किए और वेतन, सड़कों और बस किराए पर अपने वादे गिनाए।

संपादकीय डेस्क से · रियो डी जनेरियोप्रकाशित
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और सीनेटर फ़्लावियो बोल्सोनारो (फ़ाइल फ़ोटो)
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और सीनेटर फ़्लावियो बोल्सोनारो (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Palácio do Planalto from Brasilia, Brasil / Wikimedia Commons; Governo do Estado do Rio de Janeiro / Wikimedia Commons, CC BY 2.0, CC BY 2.0 br

मुख्य बातें

  1. आखिरी बहस शुक्रवार रात रियो के एस्तूदियोस ग्लोबो में करीब ढाई घंटे चली।
  2. फ़्लावियो ने कहा कि लूला 'एक हाथ से देते हैं और नौ उंगलियों से छीन लेते हैं'; लूला ने उन्हें 'मिलिशिया वाला' कहा।
  3. ब्राज़ील में मतदान रविवार, 25 अक्टूबर को है और सर्वे दोनों को बराबरी पर दिखा रहे हैं।

ब्राज़ील के राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों ने शुक्रवार रात टीवी पर अपनी आखिरी आमने-सामने की बहस में वेतन और सड़कों के वादों के साथ प्रचार के अब तक के सबसे तीखे निजी हमले किए। रविवार को होने वाले निर्णायक मुकाबले को सर्वे बेहद करीबी बता रहे हैं।

राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और सीनेटर फ़्लावियो बोल्सोनारो रियो डी जनेरियो के एस्तूदियोस ग्लोबो में करीब ढाई घंटे आमने-सामने रहे। संचालन पत्रकार सेज़ार त्राली ने किया। प्रसारण ब्राज़ील के समय के अनुसार आधी रात के आसपास खत्म हुआ, यानी भारत में शनिवार तड़के।

नौ उंगलियां

सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की रही जब पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ़्लावियो ने कहा कि लूला “एक हाथ से देते हैं और नौ उंगलियों से छीन लेते हैं”। लूला ने जवानी में उद्योग में काम करते हुए एक उंगली गंवाई थी, इसलिए यह टिप्पणी उनके कामकाज और अतीत दोनों पर तंज थी।

अगले हिस्से में लूला ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे “किसी मिलिशिया वाले को खुद को नौ उंगलियों वाला नहीं कहने देंगे”। उन्होंने फ़्लावियो से यह भी पूछा कि 1 करोड़ रियाल के मकान का पैसा कहां से आया।

वेतन, सड़कें और बस किराया

अपमानों से हटकर दोनों ने इस पर बहस की कि कामकाजी ब्राज़ीलियों के लिए किसने ज्यादा किया। फ़्लावियो ने न्यूनतम वेतन महंगाई से ज्यादा बढ़ाने का वादा किया और तारीख की ओर इशारा किया। उन्होंने दर्शकों से पूछा, “आज 23 तारीख है। क्या आपकी तनख्वाह खत्म हो गई?” लूला ने जवाब दिया कि उनकी वर्कर्स पार्टी की सरकारें न होतीं तो न्यूनतम वेतन आज 900 रियाल से भी कम होता।

ढांचे पर फ़्लावियो ने कहा कि वे ट्रांसनोर्देस्तीना रेलवे पूरी करेंगे, दक्षिणी सड़क गलियारा बनाएंगे और सड़क रियायतें बढ़ाएंगे, जिनमें मोटरसाइकिलों से टोल नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11,000 से ज्यादा सरकारी परियोजनाएं अटकी पड़ी हैं। लूला ने कहा कि उनकी सरकारों ने जायर बोल्सोनारो की सरकार से “तीन-चार गुना ज्यादा” निवेश किया, और अपने प्रतिद्वंद्वी को ऐसा छात्र बताया जो “रट तो सकता है पर सीख नहीं सकता”।

दोनों ने मुफ़्त सार्वजनिक परिवहन का समर्थन किया। फ़्लावियो ने इसे टैक्स का बोझ घटाने से जोड़ा, जो लूला के कर सुधार पर अप्रत्यक्ष हमला था। लूला ने पूछा कि क्या वे कम से कम सप्ताहांत में मुफ़्त बस यात्रा का समर्थन करेंगे।

मंच पर नए नियम

ग्लोबो ने माहौल संभालने के लिए एक “मज़ाक-विरोधी” नियम लागू किया: पहले तीन हिस्सों में जिस उम्मीदवार की बारी नहीं थी, वह मंच पर घूम नहीं सकता था। आखिरी हिस्से में हर उम्मीदवार को खुलकर बोलने के लिए आठ मिनट मिले। चैनल ने बहस के दौरान दावों की जांच नहीं की और कहा कि यह जांच उसकी वेबसाइटों पर प्रकाशित होगी।

बेहद करीबी मुकाबला

पहले दौर में फ़्लावियो को 47.03% और लूला को 45.16% वैध वोट मिले थे। गुरुवार को जारी डाटाफ़ोल्हा के आखिरी सर्वे में फ़्लावियो 47% और लूला 46% पर थे, जो दो अंक की त्रुटि सीमा के भीतर बराबरी है। शुक्रवार को जारी अल्फ़ा इंतेलिजेंसिया के सर्वे में फ़्लावियो को 52% और लूला को 48% वैध वोट मिलते दिखे।

रविवार को ब्राज़ील के मतदाता इसका फ़ैसला करेंगे।