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यमन के ताइज़ में भीषण लड़ाई, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अगस्त से करीब 2.6 लाख लोग बेघर

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेनाएं हूतियों के खिलाफ जवाबी हमला तेज़ कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 57 नागरिकों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें आधे बच्चे हैं।

संपादकीय डेस्क से · ताइज़प्रकाशित
दक्षिण-पश्चिमी यमन का ताइज़ शहर (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
दक्षिण-पश्चिमी यमन का ताइज़ शहर (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: LBM1948 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यालय के मुताबिक अगस्त से यमन में करीब 2.6 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।
  2. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने 251 नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है, जिनमें 57 की मौत हुई।
  3. सरकारी सेनाओं का दावा है कि "डॉन ऑफ यमन" अभियान में हूती ठिकानों पर 835 हमले किए गए।

यमन के ताइज़ प्रांत में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार और हूतियों के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है, और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगस्त से देश भर में करीब 2.6 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

सरकारी सेनाओं के प्रवक्ता माजिद अल-नज़ीली ने बुधवार को कहा कि उन्होंने हूती ठिकानों पर 835 हमले किए, जिनमें अंसारुल्लाह कहलाने वाले इस समूह के 285 लड़ाके मारे गए या घायल हुए और टैंक व हथियार भंडार नष्ट हुए। उन्होंने बताया कि पश्चिमी ताइज़ के जबल हान पहाड़ी इलाके में भी भारी झड़पें हुईं, जो प्रांत को अदन में सरकार के ठिकाने से जोड़ने वाले रास्तों पर नज़र रखता है, और धुबाब व अल-मसरख़ ज़िलों में भी। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।

बुधवार देर रात जारी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि नए विस्थापितों में से करीब आधे ताइज़ में शरण लिए हुए हैं, जहां अब लड़ाई केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने 251 नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है, जिनमें 57 की मौत हुई और 194 घायल हुए। मरने वालों में आधे बच्चे थे।

ओसीएचए ने कहा, “नए विस्थापित परिवार बताते हैं कि उनकी सबसे बड़ी ज़रूरत छत है, उसके बाद खाना और नकदी।” राहत संगठन अगस्त से 1.74 लाख से ज़्यादा विस्थापितों तक पहुंचे हैं। यमन के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक जंग की वजह से 25 लाख से ज़्यादा बच्चे स्कूल से बाहर हैं।

सरकार ने इस महीने की शुरुआत में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से “डॉन ऑफ यमन” जवाबी अभियान शुरू किया, जिसका मकसद राजधानी सना समेत हूतियों के कब्ज़े वाले इलाके वापस लेना है। यह अभियान जुलाई में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी अरब की नाकेबंदी के हूती ऐलान और सऊदी हवाई अड्डों पर हूती हमलों की कड़ी के बाद आया। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने गुरुवार को बताया कि बुधवार शाम दम्माम के किंग फ़हद हवाई अड्डे पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।