दुनियापश्चिम एशिया
यमन के शबवा में सेना के शिविर पर हूती मिसाइल हमला, 53 रंगरूटों की मौत
दक्षिणी यमन में सोमवार को प्रशिक्षण के लिए कतार में खड़े सरकारी रंगरूटों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें गिरीं। युद्ध दोबारा भड़कने के बाद यह सबसे घातक हमलों में से एक है। सऊदी अरब ने एक बड़ा निवेश सम्मेलन रद्द कर दिया है।

मुख्य बातें
- शबवा के स्थानीय प्रशासन के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर पर हमले में 53 लोग मारे गए और करीब 200 घायल हुए।
- यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने हूतियों को "कड़ा जवाब" देने का वादा किया।
- सऊदी अरब ने अगले हफ्ते होने वाला वैश्विक निवेश सम्मेलन रद्द कर दिया है।
यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दक्षिणी प्रांत शबवा में एक सरकारी प्रशिक्षण शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले में कम से कम 53 रंगरूट मारे गए और करीब 200 घायल हुए। इस साल गर्मियों में युद्ध दोबारा भड़कने के बाद यह सबसे घातक हमलों में से एक है।
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक मिसाइलें उस समय गिरीं जब नए रंगरूट प्रशिक्षण सत्र के लिए कतार में खड़े थे। सरकारी बलों के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। अधिकारियों और चिकित्सा सूत्रों के शुरुआती आंकड़ों में 18 मौतें बताई गई थीं, लेकिन सोमवार शाम तक शबवा के स्थानीय प्रशासन ने 53 मौतों की पुष्टि की और कहा कि यह संख्या बढ़ सकती है।
सरकार ने जवाब की चेतावनी दी
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने कहा कि मारे गए लोग नए रंगरूट थे और उन्होंने “कड़ा जवाब” देने का वादा किया। उन्होंने कहा, “रंगरूटों को निशाना बनाना हूती मिलिशिया के उस तरीके को दिखाता है जिसमें वह दबाव में आने पर आतंकी हमलों का सहारा लेती है।”
शबवा की प्रांतीय सरकार ने इस हमले को “शबवा प्रांत की सुरक्षा और स्थिरता पर खुली आक्रामकता” बताया और वायु रक्षा तथा पूर्व चेतावनी प्रणालियां जल्द तैनात करने की मांग की।
हूतियों ने हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने “सऊदी समर्थित” ठिकाने को निशाना बनाया। उनके सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि जहां भी सऊदी समर्थित सैन्य मौजूदगी है, वह जायज निशाना है। समूह ने यह भी दावा किया कि शिविर सऊदी अधिकारी चला रहे थे और उनमें से कुछ मारे गए, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं दिया। सऊदी अरब ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।
रियाद पर दबाव
विद्रोहियों ने सऊदी अरब में तेल प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर छह हमलों का भी दावा किया, जिनमें पूर्वी इलाके के प्रतिष्ठान और रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि ये हमले कब हुए। सऊदी अधिकारियों ने सोमवार को रियाद के निवासियों को “शत्रुतापूर्ण हवाई खतरे” की चेतावनी भेजी, और नागरिक सुरक्षा विभाग ने तत्काल किसी हताहत या नुकसान की खबर नहीं दी।
सऊदी अरब ने अगले हफ्ते होने वाला वह वैश्विक निवेश सम्मेलन रद्द कर दिया है जिसमें वॉल स्ट्रीट के बड़े अधिकारियों के आने की उम्मीद थी। इससे पता चलता है कि यह संघर्ष अब सऊदी अर्थव्यवस्था की योजनाओं तक पहुंच चुका है।
लड़ाई तेजी से फैली है। सितंबर में हूतियों ने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास लाल सागर तट पर अहम इलाके कब्जा लिए थे, और उसके बाद सऊदी समर्थित सरकारी बलों ने सना समेत हूती कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए जवाबी अभियान शुरू किया है। रविवार को हूती नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने सादा में एक हवाई हमले के लिए सऊदी नेतृत्व वाले बलों को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें पांच बच्चों समेत कम से कम नौ लोग मारे गए।
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को कहा कि काहिरा सऊदी अरब को “हर जरूरी और संभव तरह का समर्थन” देने को तैयार है। राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने संसद से कहा है कि अगर रियाद मांगे तो सेना को सऊदी अरब की रक्षा में मदद की अनुमति दी जाए।
आगे क्या
सरकारी बलों ने कहा कि उन्होंने सोमवार को ताइज़ के दक्षिण में हूती जमावड़ों, वाहनों और हथियारों पर भी हमले किए। शबवा हमले का जवाब किस रूप में आता है, और क्या मिस्र की संसद सऊदी अरब को सैन्य समर्थन पर अपना मतदान पूरा करती है, इसी से आने वाले दिनों की दिशा तय होगी।