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रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का मुनाफा 54% बढ़ा, आय 72% उछली
हैदराबाद की इस कंपनी की स्टैंडअलोन आय पिछली तिमाही से करीब दोगुनी हो गई, और पहली छमाही का मुनाफा करीब आधा बढ़ा।

मुख्य बातें
- जुलाई-सितंबर में समेकित कर-पश्चात मुनाफा 53.7% बढ़कर ₹46.15 करोड़ हो गया।
- परिचालन आय 72.3% बढ़कर ₹388.15 करोड़ रही।
- पहली छमाही का मुनाफा ₹71.37 करोड़ रहा, जो एक साल पहले से 49.6% ज़्यादा है।
रक्षा क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई करने वाली हैदराबाद की कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने जुलाई-सितंबर तिमाही में समेकित कर-पश्चात मुनाफे में 53.7% की बढ़त दर्ज की। मुनाफा एक साल पहले के ₹30.03 करोड़ से बढ़कर ₹46.15 करोड़ हो गया।
शनिवार को बोर्ड से मंज़ूर नतीजों के मुताबिक परिचालन आय ₹225.26 करोड़ से 72.3% बढ़कर ₹388.15 करोड़ हो गई। अन्य आय मिलाकर कुल आय ₹391.69 करोड़ रही, और कुल खर्च ₹183.42 करोड़ से बढ़कर ₹299.21 करोड़ हो गया। प्रति शेयर कमाई ₹1.32 रही।
मूल कंपनी का अपना कारोबार पिछली तिमाही के मुकाबले और तेज़ी से बढ़ा। स्टैंडअलोन आय ₹306.29 करोड़ रही, जो अप्रैल-जून के ₹155.89 करोड़ की करीब दोगुनी है। स्टैंडअलोन मुनाफा ₹47.73 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही में ₹27.83 करोड़ और एक साल पहले ₹33.05 करोड़ था।
सितंबर तक के छह महीनों में समेकित मुनाफा ₹47.71 करोड़ से 49.6% बढ़कर ₹71.37 करोड़ रहा, और आय एक साल पहले के ₹358.85 करोड़ के मुकाबले ₹639.44 करोड़ रही। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने छमाही में ₹462.18 करोड़ की आय पर ₹75.56 करोड़ कमाए।
समूह के आंकड़ों में दो सहायक कंपनियां शामिल हैं, अनन्या एसआईपी आरएफ टेक्नोलॉजीज़ और अपोलो डिफेंस इंडस्ट्रीज़, जिनमें अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की 51-51% हिस्सेदारी है। इन इकाइयों के अल्पांश शेयरधारकों के हिस्से ₹2.28 करोड़ का घाटा आया, इसलिए कंपनी के अपने शेयरधारकों के हिस्से का मुनाफा ₹48.43 करोड़ रहा, जो मुख्य आंकड़े से ज़्यादा है।
नतीजों की ऑडिट समिति ने समीक्षा की और वैधानिक ऑडिटरों ने इनकी सीमित समीक्षा की।