अर्थव्यवस्थाकंपनियां
बालकृष्ण इंडस्ट्रीज और पिरेली भारत में कार टायर के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम की तैयारी में
ऑफ-हाईवे टायर बनाने वाली कंपनी शुरुआत में अपने भुज संयंत्र में पिरेली ब्रांड के कार टायर बनाएगी, बाद में संयुक्त कंपनी बनेगी। गुरुवार को उसके शेयर करीब 2% चढ़े।

मुख्य बातें
- बीकेटी और पिरेली ने भारत में कार टायरों के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम तलाशने के फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- पिरेली ब्रांड के टायर पहले बीकेटी के भुज, गुजरात संयंत्र में न्यूनतम खरीद प्रतिबद्धता के तहत बनेंगे।
- संयुक्त कंपनी का गठन 31 दिसंबर 2030 तक करने का लक्ष्य है।
ट्रैक्टर, खनन ट्रकों और दूसरे ऑफ-हाईवे वाहनों के टायर बनाने वाली मुंबई की कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज ने इटली की पिरेली के साथ भारत में कार टायर बनाने के संयुक्त उद्यम की संभावना तलाशने के लिए फ्रेमवर्क समझौता किया है।
दोनों कंपनियां बराबर की साझेदारी चाहती हैं। उद्यम के बोर्ड में चार निदेशक होंगे, दोनों तरफ से दो-दो, और अध्यक्ष का पद बारी-बारी से दोनों के पास रहेगा। उत्पादन क्षमता भी बराबर बंटेगी।
संयुक्त कंपनी बनने से पहले पिरेली ब्रांड के पैसेंजर कार रेडियल टायर बीकेटी की भुज (गुजरात) फैक्ट्री में पिरेली की तय शर्तों के मुताबिक बनेंगे। पिरेली और उसकी सहयोगी कंपनियां इन्हें न्यूनतम सालाना खरीद प्रतिबद्धता के तहत खरीदेंगी, बदले में बीकेटी उतनी क्षमता उपलब्ध रखेगी। दाम कच्चे माल की वास्तविक लागत और रूपांतरण शुल्क के आधार पर तय होंगे। घरेलू बिक्री का भुगतान रुपये में और निर्यात का यूरो में होगा। शर्तों के अधीन एक नया संयंत्र भी प्रस्तावित है।
पिरेली भारत के बाहर अपनी सुविधाओं में बीकेटी के अपने एसयूवी, कार और दोपहिया टायरों की टेस्टिंग और तकनीकी सेवाएं भी देगी। दोनों कंपनियां भारत में कार, हल्के ट्रक, मोटरसाइकिल या साइकिल टायरों के लिए किसी और साझेदार से ऐसा करार नहीं करेंगी, हालांकि बीकेटी अपना ब्रांड बेचती रहेगी।
संयुक्त उद्यम का अंतिम समझौता बाद में होगा और कंपनी का गठन 31 दिसंबर 2030 तक होना है। तब तक खरीद का करार जारी रहेगा, जो आगे न बढ़ाया गया तो 31 दिसंबर 2031 तक चलेगा। निवेश की रकम या क्षमता का खुलासा नहीं किया गया है। कंपनियों ने कहा है कि उन्हें इस करार से घरेलू और विदेशी बाज़ारों में मौके बनने की उम्मीद है।
इस सौदे से बीकेटी को कार टायर बाज़ार में पैर जमाने का मौका मिलेगा, जहां अब तक उसकी मौजूदगी बहुत कम रही है। उसके शेयर करीब 2% चढ़कर दिन के ऊंचे स्तर ₹2,077.90 पर पहुंचे, जबकि पिछले एक साल में इनमें करीब 12% की गिरावट आई है।