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महंगे क्रूड से ईंधन बिक्री का मार्जिन दबा, बीपीसीएल का मुनाफा 21.5% घटा

जून तिमाही के घाटे के बाद सरकारी रिफाइनरी कंपनी फिर मुनाफे में लौटी और ₹4,863 करोड़ कमाए। एलपीजी पर उसकी अंडर-रिकवरी ₹17,334 करोड़ तक पहुंच गई है, और पेट्रोलियम मंत्रालय ने ₹7,594 करोड़ के मुआवज़े को मंज़ूरी दी है।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
मुंबई में भारत पेट्रोलियम की रिफाइनरी (फ़ाइल फ़ोटो)
मुंबई में भारत पेट्रोलियम की रिफाइनरी (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: BPCL / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा साल भर पहले के ₹6,191.49 करोड़ से 21.5% घटकर ₹4,863.05 करोड़ रहा।
  2. ईंधन बिक्री और निर्यात बढ़ने से राजस्व करीब 30% बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हुआ।
  3. सितंबर के अंत तक एलपीजी पर अंडर-रिकवरी ₹17,334.40 करोड़ थी।

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) का सितंबर तिमाही का मुनाफा 21.5% घट गया। सरकारी कंपनी ने शुक्रवार को जारी नतीजों में बताया कि कच्चे तेल के ऊंचे दामों ने ईंधन बिक्री पर उसका मार्जिन दबा दिया।

कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹4,863.05 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹6,191.49 करोड़ था। कामकाज से राजस्व करीब 30% बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हो गया। कंपनी ने कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर दबे हुए मार्केटिंग मार्जिन को इसकी वजह बताया, जिसकी कुछ भरपाई बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन से हुई।

फिर भी यह तिमाही अप्रैल-जून के मुकाबले काफी बेहतर रही, जब ऊर्जा के दाम आसमान छूने और ईंधन की कीमतें बढ़ाने में देरी से बीपीसीएल को ₹1,873 करोड़ का घाटा हुआ था। मई में कीमतें चार बार बढ़ाई गई थीं।

एलपीजी का बोझ

रसोई गैस अब भी बोझ बनी हुई है। एलपीजी पर बीपीसीएल की अंडर-रिकवरी, यानी लागत और कंपनी को वसूलने की इजाज़त वाली कीमत का अंतर, 30 सितंबर तक ₹17,334.40 करोड़ पहुंच गई थी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने ₹7,594 करोड़ के मुआवज़े को मंज़ूरी दी है, जो 12 बराबर मासिक किस्तों में मिलेगा। बीपीसीएल ने इनमें से ₹3,796.98 करोड़ की छह किस्तें इस तिमाही के राजस्व में दर्ज कीं।

कामकाज में तेज़ी रही। कंपनी की रिफाइनरियों ने 1.041 करोड़ टन कच्चे तेल को प्रोसेस किया, जो एक साल पहले से 6% ज़्यादा है। घरेलू बिक्री 6.33% बढ़कर 1.347 करोड़ टन रही और निर्यात 64% उछला।

पिछले हफ्ते ज़्यादातर समय ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहा और शुक्रवार को फिर चढ़ा। ऐसे में दिसंबर तिमाही में मार्केटिंग मार्जिन काफी हद तक इस पर निर्भर करेगा कि तेल आगे कहां जाता है और पंप पर कीमतें बदलती हैं या नहीं।

सोमवार को कारोबार शुरू होने पर बीपीसीएल के शेयर इन नतीजों पर प्रतिक्रिया देंगे।