अर्थव्यवस्थाबाज़ार
मार्जिन कॉल की मार, स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर करीब 4% फिसले
हफ्ते भर की लगातार बिकवाली के बाद निफ्टी स्मॉलकैप 100 और मिडकैप 100 सूचकांक अपने 52 हफ्ते के ऊंचे स्तर से 10% से ज़्यादा नीचे आ गए हैं। विश्लेषकों ने उधार लेकर दांव लगाने वालों की मजबूरी में बिकवाली, जियो आईपीओ में लगे पैसे और 110 डॉलर से ऊपर के कच्चे तेल को ज़िम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें
- शुक्रवार को निफ्टी स्मॉलकैप 100 3.8% तक गिरकर 17,571.60 पर आया।
- निफ्टी मिडकैप 100 में 3.2% गिरावट आई और यह 52 हफ्ते के ऊंचे स्तर से 12.9% से ज़्यादा नीचे है।
- एक हफ्ते में स्मॉलकैप सूचकांक 7.4% टूट चुका है।
शुक्रवार को छोटी भारतीय कंपनियों के शेयरों पर एक बार फिर भारी मार पड़ी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक करीब 4% फिसल गए, क्योंकि खुदरा कारोबारियों की मजबूरी में की गई बिकवाली ने हफ्ते भर से जारी गिरावट को और गहरा कर दिया।
स्मॉलकैप 100 कारोबार के दौरान 3.8% तक गिरकर 17,571.60 के निचले स्तर पर आया और पिछले एक हफ्ते में इसका नुकसान 7.4% हो गया। अब यह 20,187.80 के अपने 52 हफ्ते के ऊंचे स्तर से 10% से ज़्यादा नीचे है। मिडकैप 100 3.2% गिरकर 55,208.95 पर आया, हफ्ते भर में 5.86% नीचे है और 64,450.90 के शिखर से 12.9% से ज़्यादा फिसल चुका है।
बिकवाली प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले कहीं ज़्यादा तेज़ थी। दोपहर में सेंसेक्स और निफ्टी 50 एक प्रतिशत से कम नीचे थे, क्योंकि बड़ी आईटी कंपनियों की बढ़त ने उन्हें सहारा दिया।
वैल्यूएशन नहीं, मार्जिन कॉल
स्वतंत्र बाज़ार विशेषज्ञ अंबरीश बालिगा ने कहा कि यह गिरावट “वैल्यूएशन की वजह से नहीं, बल्कि मार्जिन कॉल की वजह से है, जो खुदरा निवेशकों पर पड़ रहे हैं।” जिन कारोबारियों ने उधार लेकर खरीदारी की या गिरते भावों पर खरीदते रहे, उन्हें घाटा पूरा करने के लिए बेचना पड़ रहा है, और इससे गिरावट और बढ़ रही है।
दूसरी वजहें भी गिनाई गईं। बाज़ार के कुछ जानकारों का कहना है कि शुक्रवार को बंद हो रहे जियो प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड इश्यू में बोली लगाने के लिए छोटे शेयरों से पैसा निकाला गया है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है, पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है और महंगाई की चिंता लौट आई है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के मुख्य शोध अधिकारी रवि सिंह ने मुनाफे से आगे भाग चुके भावों की ओर इशारा करते हुए कहा, “कई शेयर कमाई के मुकाबले अब भी महंगे हैं।”
सहारा कहां है
ग्लोब कैपिटल मार्केट में रिसर्च के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट विपिन कुमार ने कहा कि मिडकैप सूचकांक ऐसे सपोर्ट ज़ोन में पहुंच गया है जिसका निचला छोर 54,667 है, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 17,400 से 17,200 के सपोर्ट बैंड के करीब है। उन्होंने चेताया कि “इन सपोर्ट ज़ोन के नीचे निर्णायक रूप से टूटना नकारात्मक संकेत होगा,” और ऐसे में अगला पड़ाव मिडकैप के लिए करीब 52,000 से 52,500 और स्मॉलकैप के लिए 16,400 से 16,800 हो सकता है।