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विप्रो को दिसंबर तिमाही में आय सपाट या कम रहने का अनुमान, बड़े सौदे 59% घटे
सितंबर तिमाही में आईटी सेवाओं की आय 2.61 अरब डॉलर पर अटकी रही। अक्टूबर-दिसंबर का अनुमान विश्लेषकों की उम्मीद से कम रहा और अमेरिका में सूचीबद्ध शेयर गिरे।

मुख्य बातें
- विप्रो को दिसंबर तिमाही में आईटी सेवाओं की आय 2,571 से 2,625 मिलियन डॉलर रहने की उम्मीद है।
- स्थिर मुद्रा में यह सितंबर तिमाही के मुकाबले माइनस 1.5% से प्लस 0.5% का बदलाव है।
- बड़े सौदों की बुकिंग जून तिमाही से 58.6% घटकर 67.4 करोड़ डॉलर रह गई।
विप्रो को उम्मीद है कि अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में उसका मुख्य आईटी सेवा कारोबार 2,571 से 2,625 मिलियन डॉलर कमाएगा। इस दायरे में आय घटने की गुंजाइश भी है। स्थिर मुद्रा में यह अनुमान सितंबर तिमाही के मुकाबले 1.5% की गिरावट से लेकर 0.5% की बढ़त तक का है।
इस दायरे का मध्य बिंदु, करीब 2.598 अरब डॉलर, विश्लेषकों के 2.608 अरब डॉलर के औसत अनुमान से नीचे रहा। गुरुवार को नतीजे आने के बाद न्यूयॉर्क में विप्रो के अमेरिकन डिपॉज़िटरी शेयर प्री-मार्केट कारोबार में गिरे और बाज़ार खुलने के बाद भी करीब 1% नीचे थे।
यह अनुमान बेंगलुरु की कंपनी के गुरुवार को जारी पूरे नतीजों के साथ आया। दोपहर में कंपनी ने शुद्ध मुनाफा 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रहने की जानकारी दी थी।
ठहरी हुई तिमाही
जुलाई-सितंबर में आईटी सेवाओं की आय 2,611.5 मिलियन डॉलर रही, जो जून तिमाही से 0.1% कम और एक साल पहले से सिर्फ 0.3% ज़्यादा है। स्थिर मुद्रा में यह तिमाही आधार पर सपाट और सालाना आधार पर 0.6% ऊपर रही।
मुनाफे की स्थिति बेहतर रही। आईटी सेवा कारोबार का ऑपरेटिंग मार्जिन जून तिमाही से 0.5 प्रतिशत अंक बढ़कर 16.5% हो गया, और परिचालन नकदी प्रवाह 61.3% उछलकर ₹5,300 करोड़ पहुंच गया, जो शुद्ध आय का 165.8% है। बारह महीनों में स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की दर 13.8% रही।
मुख्य वित्त अधिकारी अपर्णा अय्यर ने कहा, “तिमाही में हमारा ऑपरेटिंग मार्जिन 16.5% रहा, जो पिछली तिमाही से 0.5% का विस्तार है।”
ऑर्डर सूखे
कमज़ोर कड़ी नया कारोबार रहा। कुल बुकिंग 2,595 मिलियन डॉलर रही, जो स्थिर मुद्रा में जून तिमाही से 22.9% कम है। 3 करोड़ डॉलर या उससे ज़्यादा के बड़े सौदों की बुकिंग 58.6% गिरकर 67.4 करोड़ डॉलर रह गई।
मुख्य कार्यकारी श्रीनि पालिया का सुर उम्मीद भरा था। उन्होंने कहा, “हम जो रणनीतिक निवेश करते आ रहे हैं, उनके नतीजे आने लगे हैं।” उन्होंने कहा, “हम एआई को लंबी अवधि में विकास का ज़रिया मानते हैं, जो तकनीक और कारोबारी बदलाव के लिए संभावित बाज़ार को बड़ा करेगा।”
तुलना में कहां
यह अनुमान कुछ ब्रोकरों की आशंका से थोड़ा बेहतर रहा। एमके और नुवामा ने माइनस 2% से शून्य तक के अनुमान की उम्मीद जताई थी। उन्होंने छुट्टियों के मौसम की फर्लो, विवेकाधीन खर्च में कमज़ोरी और ग्राहकों के एआई अपनाने से कीमतों पर दबाव को इसकी वजह बताया था।
फिर भी नतीजों के इस दौर में विप्रो अपनी बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से पीछे है। एचसीएलटेक ने सोमवार को साल के लिए आय का अनुमान बढ़ाया था, और टेक महिंद्रा ने गुरुवार को स्थिर मुद्रा में सालाना 7.2% बढ़त के साथ 1:1 बोनस शेयर का ऐलान किया।
गुरुवार को बीएसई पर विप्रो का शेयर 1.6% चढ़कर ₹173.70 पर बंद हुआ। शुक्रवार के कारोबार से पता चलेगा कि भारतीय निवेशक इस अनुमान को कैसे लेते हैं।
मूल दस्तावेज़
- Wipro Announces Results for the Quarter Ended September 30, 2026Wipro (Business Wire), 15 अक्टूबर 2026