LokVox

नीतिकूटनीति

भारत-यूएई संबंध 'वादे पर खरे', मुंबई में अब्दुल्ला बिन ज़ायद से बोले जयशंकर

विदेश मंत्री ने मंगलवार को यूएई के उप प्रधानमंत्री से बातचीत की और कहा कि दोनों देशों के मुक्त व्यापार समझौते के बाद व्यापार 100 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया है।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान (फ़ाइल फ़ोटो)
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Bundesministerium für europäische und internationale Angelegenheiten / Wikimedia Commons; Cancillería Argentina / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. एस जयशंकर ने मंगलवार को मुंबई में यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद से बातचीत की।
  2. उन्होंने कहा कि सीईपीए पर दस्तखत के बाद द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर पार कर गया है।
  3. उनके मुताबिक रक्षा, ऊर्जा और तकनीक सहयोग रणनीतिक स्वरूप ले रहा है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान से बातचीत की और कहा कि दोनों देशों की साझेदारी अपने वादे पर खरी उतर रही है।

जयशंकर ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, “एक दशक से ज़्यादा के लगातार संपर्क के बाद भारत-यूएई संबंध आज सच में अपने वादे पर खरे उतर रहे हैं। इस साल नेतृत्व स्तर पर असाधारण रूप से सघन संपर्क रहा है।”

उन्होंने व्यापार को इसका सबसे साफ संकेत बताया। उन्होंने कहा, “वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय मुश्किलों के बावजूद हमारी आर्थिक साझेदारी नए कीर्तिमान बना रही है। सीईपीए पर दस्तखत के बाद द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार कर गया है।” सीईपीए दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता है। उन्होंने कहा कि दोतरफा निवेश बढ़ रहा है, और रक्षा, ऊर्जा व तकनीक में सहयोग रणनीतिक स्वरूप ले रहा है। “हमारे जन-संपर्क हमारे समुदायों के जीवन को समृद्ध कर रहे हैं। हमारी सांस्कृतिक साझेदारी भी ज़ोर पकड़ रही है।”

यूएई की ओर से बताया गया कि दोनों मंत्रियों ने आर्थिक, व्यापार, निवेश, वित्तीय, सांस्कृतिक और ऊर्जा सहयोग गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। क्षेत्रीय अनिश्चितता और खाड़ी के हालात, जहां सऊदी अरब पर हूती हमले जारी हैं, बातचीत की पृष्ठभूमि में रहे।

शेख अब्दुल्ला सोमवार को आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंचे थे, जहां महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने उनका स्वागत किया। दोनों मंत्री पिछले हफ्ते ही अबू धाबी में मिले थे, जब जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर के दौरे में रायसीना मिडिल ईस्ट संवाद में शामिल हुए थे। मंगलवार को किसी समझौते की घोषणा नहीं हुई।

जयशंकर दिन में बाद में मुंबई में ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत करेंगे।

मूल दस्तावेज़