नीतिकूटनीति
जयशंकर से बातचीत के लिए रुबियो मुंबई पहुंचे, बोले- व्यापार समझौता 'बहुत करीब'
अमेरिकी विदेश मंत्री मंगलवार को तीन दिन के दौरे पर पहुंचे। 26/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि, ताज में बातचीत और जामनगर में ऊर्जा पर चर्चा उनके कार्यक्रम में है, और दोनों पक्ष कह रहे हैं कि व्यापार समझौता करीब है।

मुख्य बातें
- मार्को रुबियो मंगलवार को तीन दिन के भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे, इस दौरे में नई दिल्ली शामिल नहीं है।
- वे दोपहर 3:40 बजे ताज स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करेंगे, फिर वहीं एस जयशंकर से बातचीत होगी।
- रुबियो का कहना है कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते के बहुत करीब है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार दोपहर तीन दिन के भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे। उनके साथ वॉशिंगटन से अब तक का सबसे साफ संकेत भी आया है कि लंबे समय से अटका व्यापार समझौता करीब है।
भारत रवाना होने से पहले उज्बेकिस्तान में रुबियो ने कहा, “हम अभी भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं।” विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि बातचीत “लैंडिंग पॉइंट” के करीब है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक रुबियो को दोपहर 2:15 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरना था। उनकी पत्नी जेनेट रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर उनके साथ हैं। गोर ने एक्स पर लिखा, “मुंबई लौटकर अच्छा लगा, इस बार अपने दोस्त अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ।” उन्होंने जोड़ा, “एक सार्थक दौरे और अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।”
पहले श्रद्धांजलि, फिर ताज में बातचीत
उनका पहला पड़ाव ताजमहल पैलेस होटल का ताज स्मारक है, जहां दोपहर 3:40 बजे वे 26 नवंबर 2008 के हमलों के पीड़ितों को पुष्पचक्र अर्पित करेंगे। उन हमलों में 160 से ज़्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें छह अमेरिकी थे। जयशंकर से बातचीत इसके बाद वहीं होगी।
शाम को वे अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में “फ्रीडम 250” रिसेप्शन में शामिल होंगे, जिसमें जयशंकर विशिष्ट अतिथि हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी उनकी मुलाकात की उम्मीद है। बुधवार को रुबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनरी परिसर है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार वहां “ऊर्जा सहयोग बढ़ाने” पर बात होगी। उनके साथ कारोबारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल है।
रुबियो के पहुंचने से पहले जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने बाद में लिखा, “खास तौर पर हमारे संबंधों के व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक पहलुओं पर चर्चा हुई। भारत-अमेरिका संबंधों को आगे ले जाने में उनकी सकारात्मक भावना और रुचि की सराहना करता हूं।”
एजेंडे में क्या है
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले हफ्ते कहा था कि बातचीत में “ऊर्जा, व्यापार और निवेश समेत द्विपक्षीय सहयोग के अहम क्षेत्र शामिल होने की उम्मीद है।” रक्षा, अहम और उभरती तकनीकें, पश्चिम एशिया का युद्ध और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के तरीके भी एजेंडे में हैं। जायसवाल ने कहा, “यह दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने का मौका देगा।”
व्यापार वार्ता 2025 की शुरुआत से चल रही है। नई दिल्ली अमेरिकी बाज़ार में अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर टैरिफ (शुल्क) शर्तें चाहती है, जबकि वॉशिंगटन गैर-टैरिफ बाधाओं और बाज़ार तक पहुंच पर ज़ोर देता रहा है।
रूसी तेल का मुद्दा भी बातचीत पर छाया है। पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और उसके पांच सबसे बड़े तेल खरीदारों, जिनमें भारत भी है, पर कुछ प्रतिबंध निलंबित किए। रुबियो ने इस राहत को व्यापार वार्ता से जोड़ा है। उन्होंने कहा, “जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा छूट पर फैसला करते हैं, तो यह उन बातों में से एक है जिन पर हम विचार करते हैं।”
सुधरते रिश्ते
पिछले साल वॉशिंगटन के भारतीय सामान पर दंडात्मक टैरिफ लगाने के बाद संबंधों में भारी गिरावट आई थी। मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने में अपनी भूमिका के बारे में ट्रंप के बार-बार किए दावों पर नई दिल्ली ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। एच-1बी वीज़ा की बढ़ी फीस और टीसीएस व विप्रो जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के इस्तेमाल वाले ग्रीन कार्ड प्रोसेसिंग कार्यक्रम पर हाल की अमेरिकी रोक ने तनाव और बढ़ाया।
इस साल रुबियो का यह दूसरा भारत दौरा है। मई में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जयशंकर से मुलाकात की थी और नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था।
राजधानी की जगह मुंबई चुनने पर पिछले हफ्ते कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया कि विदेशी मेहमानों का नई दिल्ली से बाहर स्वागत एक स्थापित परंपरा है, और वडोदरा, अहमदाबाद, वाराणसी, गोवा, केवड़िया और अमृतसर में हुए दौरों का हवाला दिया।