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जयशंकर आज मुंबई में यूएई के अब्दुल्ला बिन ज़ायद की मेज़बानी करेंगे, मंगलवार को रुबियो से बातचीत

अमेरिकी विदेश मंत्री के आने से पहले मुंबई में दो दिन की बातचीत में पश्चिम एशिया छाया रहेगा, जबकि राजनाथ सिंह दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान (फ़ाइल फ़ोटो)
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: U.S. Department of State from United States / Wikimedia Commons; Österreichische Außenministerium / Wikimedia Commons, Public domain, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद 19 और 20 अक्टूबर को एस जयशंकर से बातचीत के लिए मुंबई में हैं।
  2. मार्को रुबियो समरकंद में सी5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद मंगलवार को मुंबई में जयशंकर से मिलेंगे।
  3. राजनाथ सिंह दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्षों की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर इस हफ्ते की शुरुआत मुंबई में करेंगे। सोमवार और मंगलवार को वे संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान की मेज़बानी करेंगे, और उसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत करेंगे।

नई दिल्ली की जगह वित्तीय राजधानी को चुनने पर पहले ही सियासी विवाद हो चुका है, लेकिन एजेंडा भारी है। खाड़ी की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और इलाके में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा दोनों दौर की बातचीत में रहेंगे। मंगलवार को शहर में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का समारोह भी है।

पहले पश्चिम एशिया

यूएई के मंत्री का यह दौरा अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट फोरम के दौरान जयशंकर से उनकी मुलाकात के कुछ ही दिन बाद हो रहा है। तब से सऊदी अरब पर हूती ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं। रविवार को रियाद में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से सऊदी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, घर के अंदर रहने और खिड़कियों से दूर रहने को कहा। 10 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी।

पिछले हफ्ते इस दौरे की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “दोनों नेता स्वाभाविक रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।”

ऊर्जा के एजेंडे के साथ रुबियो

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक रुबियो ने अपनी यात्रा उज़्बेकिस्तान के समरकंद से शुरू की, जहां मध्य एशिया के पांच देशों के साथ सी5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक है। भारत में उनका कार्यक्रम मुंबई और गुजरात के जामनगर का है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का रिफाइनरी परिसर है। वे नई दिल्ली नहीं जाएंगे।

जायसवाल ने कहा, “20 अक्टूबर को विदेश मंत्री अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत करेंगे।” अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार इस यात्रा का मकसद “अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करना” और “ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करना” है। उनके साथ 200 से ज़्यादा कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल भी है। मई में नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है।

यह बातचीत असहज माहौल में हो रही है। भारत ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध वाले कानून (एसआरआईए) को लेकर अमेरिका को अपनी चिंताएं बता दी हैं। इस कानून के तहत रूसी ऊर्जा खरीदते रहने वाले देशों पर शुल्क लगाया जा सकता है। उधर अमेरिका ने खुद रूस से डीज़ल खरीदने का सौदा किया है।

दुशांबे में राजनाथ

उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान के दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो सोमवार को शुरू हो रही है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दो दिन की बैठक में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर ज़ोर रहेगा, और संगठन के वित्तीय व संस्थागत कामकाज पर फैसले लिए जाएंगे।

मुंबई पर विवाद

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि अमेरिका ने भारत के विदेश मंत्री को मुंबई “तलब” किया है। विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते यह आरोप खारिज करते हुए कई ऐसे मौके गिनाए जब विदेशी नेताओं की मेज़बानी राजधानी से बाहर हुई, जिनमें वडोदरा में स्पेन के पेद्रो सांचेज़ और अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ शामिल हैं।

मूल दस्तावेज़