नीतिविदेश मामले
जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में रुबियो से मिलेंगे, विदेश मंत्रालय ने 'तलब' करने का कांग्रेस का आरोप खारिज किया
अमेरिकी विदेश मंत्री 17 से 22 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे और ऊर्जा एजेंडे में सबसे ऊपर है, पर वे दिल्ली नहीं आएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मेहमानों की मेज़बानी पहले भी राजधानी के बाहर होती रही है।

मुख्य बातें
- विदेश मंत्री एस जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में मार्को रुबियो से बातचीत करेंगे।
- कांग्रेस ने कहा कि अमेरिका ने मंत्री को "तलब" किया है; मंत्रालय ने दिल्ली से बाहर हुई पुरानी मुलाकातें गिनाईं।
- जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद की भी मेज़बानी करेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी और कांग्रेस के उस आरोप को खारिज किया कि वॉशिंगटन ने मंत्री को मुंबई “तलब” किया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे और उनके एजेंडे में ऊर्जा सहयोग सबसे ऊपर है। इस साल यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। उनका कार्यक्रम मुंबई और गुजरात के जामनगर का है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का रिफाइनिंग परिसर है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार वहां उनकी रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात होनी है। उनका नई दिल्ली जाने का कार्यक्रम नहीं है।
बातचीत में क्या होगा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित ब्रीफिंग में कहा कि दोनों मंत्री भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा करेंगे और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग मज़बूत करने के रास्ते तलाशेंगे। ऊर्जा, क्षेत्रीय घटनाक्रम और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की उम्मीद है।
जायसवाल ने कहा, “यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखने का अवसर देगी।”
20 अक्टूबर को मुंबई में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का समारोह भी कार्यक्रम में है।
जगह पर विवाद
मुंबई को चुनने पर सवाल तब उठे जब गोर ने गुरुवार को दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा, “हमें उम्मीद है कि मंत्री डॉ. एस जयशंकर वहां होंगे।” राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अमेरिका भारत के विदेश मंत्री को तलब कर रहा है।
जायसवाल ने इस व्याख्या को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने कई बार दिल्ली के बाहर के शहरों में विदेशी नेताओं की मेज़बानी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2024 में वडोदरा में स्पेन के पेड्रो सांचेज़, सितंबर 2025 में वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और इस साल जनवरी में अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज़ की अगवानी की थी। जयशंकर गोवा में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक और केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेज़बानी कर चुके हैं, और 2016 में अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन हुआ था।
मुंबई में दो व्यस्त दिन
रुबियो के आने से पहले जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान की मेज़बानी करेंगे। जायसवाल ने कहा, “स्वाभाविक रूप से वे पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।”
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा की तारीखों पर दोनों पक्षों के बीच अभी बातचीत चल रही है। इसी ब्रीफिंग में उन्होंने इलिनॉय में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साज़िश पर गहरी चिंता जताई और अमेरिकी अधिकारियों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।