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श्रम संहिताओं पर श्रम मंत्रालय का 'श्रम संवाद' सोमवार से लखनऊ में

उत्तर प्रदेश सरकार के साथ दो दिन का राज्य स्तरीय कार्यक्रम श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर होगा, राज्यों के नियम पूरे करने की केंद्र की समय सीमा से कुछ ही दिन पहले।

संपादकीय डेस्क से · लखनऊप्रकाशित
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Dhruvdube / Wikimedia Commons, CC0

मुख्य बातें

  1. श्रम संहिताओं पर दो दिन का राज्य स्तरीय श्रम संवाद 26 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू होगा।
  2. यह 28 सितंबर को शुरू हुए उस अभियान का हिस्सा है जो 90 दिन में 316 ज़िलों तक पहुंचेगा।
  3. केंद्र ने हर राज्य से 31 अक्टूबर तक संहिताओं के नियम लागू करने को कहा है।

श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय सोमवार, 26 अक्टूबर से लखनऊ में श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर दो दिन का राज्य स्तरीय “श्रम संवाद” करेगा। मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

कार्यक्रम राज्य सरकार के साथ मिलकर हो रहा है। मंत्रालय ने फिलहाल यह नहीं बताया कि इसमें कौन बोलेगा या मज़दूरों और नियोक्ताओं के कौन से समूह हिस्सा लेंगे।

लखनऊ एक बड़े अभियान का एक पड़ाव है। 28 सितंबर को श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने श्रम संहिताओं पर जागरूकता के बड़े अभियान के रूप में श्रम संवाद शुरू किया था, जिसका लक्ष्य 90 दिनों में सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 ज़िलों के औद्योगिक क्लस्टर तक पहुंचना है। शुरुआत में मांडविया ने कहा था, “जहां संवाद है, वहां समाधान है”, और सभी पक्षों के बीच लगातार बातचीत पर ज़ोर दिया था।

राज्य क्यों अहम हैं

लखनऊ का कार्यक्रम एक समय सीमा से ठीक पहले के हफ्ते में हो रहा है। संहिताओं के कई प्रावधान हर राज्य के बनाए नियमों पर निर्भर हैं। केंद्र ने हर राज्य से 31 अक्टूबर तक अपने नियम लागू करने को कहा है। इस महीने की शुरुआत में श्रम सचिव ने बताया था कि दस राज्यों के अंतिम नियम बन चुके हैं और बाकी के पास सिर्फ मसौदे हैं।

मंत्रालय की सूचना में कार्यक्रम के तीन हिस्से बताए गए हैं: खुद श्रम संहिताएं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा। पूरा एजेंडा जारी नहीं हुआ है।

उत्तर प्रदेश के लिए यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर की समय सीमा वाले हफ्ते में ही पड़ रहा है। मंत्रालय की घोषणा में यह नहीं बताया गया कि राज्य के अपने नियम किस स्थिति में हैं।

मूल दस्तावेज़