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अंकिता भंडारी के माता-पिता के समर्थन में अभिषेक बनर्जी: 'मुकाबला इंडिया बनाम भाजपा'
तृणमूल सांसद ने इंडिया गेट पर दंपती को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। अंकिता के पिता ने केंद्र को दुष्यंत गौतम की सिक्किम राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोकने के लिए 24 घंटे दिए हैं।

मुख्य बातें
- अभिषेक बनर्जी ने कहा कि शोक में डूबे परिवार को सुनवाई के लिए संघर्ष करना पड़े, यह "दुखद" है।
- वीरेंद्र भंडारी ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने के लिए केंद्र को 24 घंटे की मोहलत दी है।
- मांग न मानी गई तो परिवार ने देशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है।
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटने का आरोप लगाया है। गुरुवार तड़के दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया था।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा कि शोक में डूबे परिवार को अपनी बात सुनाने के लिए संघर्ष करना पड़े, यह “दुखद” है, और यह मामला राजनीतिक निष्ठाओं से ऊपर है। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रीय ध्वज लहराना? समस्या। सरकार से सवाल? समस्या। इंसाफ की मांग? समस्या। अपनी राय रखना? समस्या।” पोस्ट के आखिर में उन्होंने विपक्षी गठबंधन के पक्ष में लिखा, “मुकाबला इंडिया बनाम भाजपा है। आवाज उठाइए, वरना अपना चुनने का हक गंवा देंगे।” उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा।
अंकिता के माता-पिता और पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और इमरान प्रतापगढ़ी समेत कांग्रेस नेताओं को रात भर चले धरने के दौरान करीब 3:45 बजे हिरासत में लिया गया। वे भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे उन्हें छोड़ दिया गया।
परिवार का आरोप है कि गौतम उसी “वीआईपी” से जुड़े हैं, जिसकी 2022 में 19 साल की रिसॉर्ट रिसेप्शनिस्ट की हत्या में भूमिका की सीबीआई जांच चल रही है। गौतम इस आरोप से इनकार करते हैं। रिहाई के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने केंद्र को 24 घंटे दिए कि जांच पूरी होने तक नियुक्ति रद्द या निलंबित की जाए। उन्होंने बुधवार को कहा था, “अगर सरकार हमारी मांग नहीं मानती तो देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।”
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इसी हफ्ते इंडिया गेट पर माता-पिता के साथ बैठे थे और उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नियुक्ति वापस लेने की अपील की है। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों को मई 2025 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
भाजपा ने बनर्जी के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कांग्रेस पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।