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महिला कार्यकर्ताओं के लिए एफआईआर मांगने गए एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ हिरासत में

कांग्रेस के छात्र संगठन का कहना है कि एक महिला पुलिस अधिकारी ने उसकी महिला सदस्यों से मारपीट की और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस का जवाब नहीं आया है।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
नई दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट पर प्रदर्शन (फ़ाइल फ़ोटो)
नई दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट पर प्रदर्शन (फ़ाइल फ़ोटो)Pulakit Singh / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. एनएसयूआई के मुताबिक अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कई सदस्यों को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर हिरासत में लिया गया।
  2. संगठन मारपीट के आरोप में एक महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर चाहता है।
  3. उसका कहना है कि बुधवार को एक एडिशनल डीसीपी ने मामला दर्ज करने से इनकार किया।

कांग्रेस से जुड़े नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया।

छात्र दिल्ली पुलिस की एक महिला अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग करने गए थे, जिन पर उन्होंने एनएसयूआई की महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप लगाया है। जाखड़ का आरोप है कि कुछ महिलाओं को एक अंधेरे कमरे में ले जाकर जूतों से पीटा गया। एनएसयूआई का कहना है कि उसने बुधवार को एक एडिशनल डीसीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। संगठन ने यह नहीं बताया है कि कथित मारपीट कब और कहां हुई, और अधिकारी का नाम भी सामने नहीं आया है।

जाखड़ ने पूछा, “क्या अपनी महिला कार्यकर्ताओं के लिए इंसाफ मांगना अपराध है?” उन्होंने कहा कि वे सिर्फ एफआईआर दर्ज कराने आए थे और डीसीपी उनसे बात तक नहीं कर रहे थे।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने तुरंत एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया, जिनके खिलाफ विपक्षी संगठन 10 अक्टूबर से राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने हिरासत या शिकायत पर अब तक सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है।

एक ही दिन में जाखड़ का पुलिस से यह दूसरा सामना था। गुरुवार तड़के वह इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं में शामिल थे। अंकिता के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध कर रहे थे। सभी को सुबह करीब 5 बजे छोड़ दिया गया।

एनएसयूआई ने कहा है कि एफआईआर दर्ज न होने पर वह प्रदर्शन तेज करेगी।