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एपस्टीन के साथ कथित फोटो पर कांग्रेस का हरदीप पुरी पर हमला, पूछा क्या ट्रेड डील पर असर है
राहुल गांधी ने तस्वीर के सामने आने को मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा से जोड़ा। पवन खेड़ा ने कहा कि इससे जेफ्री एपस्टीन से मुलाकातों पर मंत्री की सफाई कमजोर पड़ती है और जांच की मांग की।
मुख्य बातें
- कांग्रेस नेताओं ने एक बिना तारीख वाली तस्वीर साझा की, जिसमें कथित तौर पर हरदीप सिंह पुरी जेफ्री एपस्टीन के साथ हैं।
- पवन खेड़ा का दावा है कि अमेरिकी रिकॉर्ड में 2014-2017 के बीच दोनों के बीच कम से कम 62 ईमेल हैं।
- पुरी पहले कह चुके हैं कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातों का एपस्टीन के अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था।
कांग्रेस ने बुधवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर एक बिना तारीख वाली तस्वीर को लेकर नया हमला बोला। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह तस्वीर अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी की है और इसमें पुरी दिवंगत जेफ्री एपस्टीन के सामने मेज पर बैठे दिख रहे हैं। एपस्टीन यौन अपराधों में दोषी ठहराया जा चुका था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तस्वीर के सामने आने को इस हफ्ते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा से जोड़ा, जिसके दौरान दोनों पक्षों ने कहा था कि व्यापार समझौता करीब है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “रुबियो मुंबई जाते हैं। अमेरिकी न्याय विभाग एपस्टीन और पुरी की तस्वीर जारी करता है।” एक और पोस्ट में उन्होंने पूछा, “प्रिय भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओ, आपको क्या लगता है, वे किस राष्ट्रविरोधी गद्दार को ब्लैकमेल कर रहे हैं?”
‘अकेले की तस्वीर’
कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि इस तस्वीर ने पुरी की सफाई को “बेमौके ध्वस्त” कर दिया है, क्योंकि इसमें मंत्री एपस्टीन के साथ अकेले दिख रहे हैं, किसी प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में नहीं। खेड़ा ने कहा, “पुरी आठ साल में 1-2 मुलाकातों और 3-4 ईमेल का दावा करते हैं।” उनके मुताबिक अमेरिकी फाइलों से पता चलता है कि अकेले 2014 से 2017 के बीच दोनों के बीच “कम से कम 62 ईमेल” का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि रिकॉर्ड 14 मुलाकातों और अन्य संपर्कों की ओर इशारा करते हैं, जिनमें कई आमने-सामने की थीं।
खेड़ा ने पूछा, “उनकी नई सामने आई अकेले की तस्वीर एपस्टीन के साथ उनकी कई मुलाकातों में से किसकी है?” उन्होंने सरकार से जांच का आदेश देने का “नैतिक साहस” दिखाने को कहा।
पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “इस पर मोदी-शाह की पूरी चुप्पी और निष्क्रियता उनकी आपराधिक उदासीनता को ही दिखाती है।” उन्होंने सवाल किया, “क्या इन खुलासों का डील के अंतिम स्वरूप पर कोई असर है?” उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।
पार्टी की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने पूछा, “क्या हरदीप पुरी ने नहीं कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले में नहीं मिले?” सेवा दल प्रमुख श्रीनिवास बी वी ने कहा कि किसी और लोकतंत्र में प्रधानमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल इस्तीफा दे चुका होता। उन्होंने लिखा, “लेकिन हमारे यहां भाजपा है।”
पुरी का पुराना रुख
बुधवार देर रात तक पुरी ने नई तस्वीर पर कोई जवाब नहीं दिया था, और न ही भाजपा या अमेरिकी सरकार ने इस पर टिप्पणी की थी। इस साल की शुरुआत में, जब राहुल गांधी ने पहली बार एपस्टीन फाइलों का मुद्दा उठाया था, तब मंत्री ने उन पर आक्षेप लगाने का आरोप लगाया था। पुरी ने कहा था कि वे एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिले थे और इन मुलाकातों का एपस्टीन के अपराधों से कोई संबंध नहीं था।
भाजपा ने बुधवार को हमले की दूसरी लाइन पकड़ी। भुवनेश्वर में पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर सत्ता परिवर्तन चाहने का आरोप लगाया और दावा किया कि वियतनाम की चार दिन की निजी यात्रा में जॉर्ज सोरोस ने उन्हें सिखाया-पढ़ाया। यह यात्रा तब हुई जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे थे।
रुबियो ने मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत की थी और बाद में कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते के जितने करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं।